Faridabad/Alive News: साइकिल सवारों और पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए बनाए गए फुटपाथ और साइकिल ट्रैक अब उनके किसी काम के नहीं रह गए हैं। इन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो चुका है, जिसके चलते लोग मजबूरी में सड़कों पर चल रहे हैं और हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए बनाई गई चार लेन सड़कों के साथ फुटपाथ और साइकिल ट्रैक भी बनाए गए थे। लेकिन इन पर अब रेहड़ी-पटरी वालों, होटल संचालकों और अन्य लोगों ने कब्जा कर लिया है। कई जगहों पर तो वाहनों की पार्किंग तक होने लगी है और ठेकेदार इसके लिए वसूली भी कर रहा है।
स्थिति यह है कि लघु सचिवालय और कोर्ट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक स्थलों के सामने भी अतिक्रमण खुलेआम हो रहा है, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
कोर्ट रोड पर भी है होती है अवैध पार्किंग
कोर्ट रोड, जो 11.35 करोड़ रुपये की लागत से बनी है और करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी है, उसके दोनों ओर बने फुटपाथ और साइकिल ट्रैक पर भी अवैध पार्किंग कराई जा रही है। ठेकेदार लघु सचिवालय के आसपास पार्किंग के नाम पर वसूली कर रहा है, जबकि इस ठेके में फुटपाथ और साइकिल ट्रैक शामिल ही नहीं हैं।
इसी तरह, राजमार्ग की ओर होटल और दुकानदारों ने ट्रैक और फुटपाथ पर मेज-कुर्सियां लगा रखी हैं, वहीं कुछ लोगों ने पुरानी गाड़ियां खड़ी कर दी हैं। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग भी ट्रैक पर ही खाना बनाते और सोते नजर आते हैं।
13.25 करोड़ रुपये हुए खर्च
सेक्टर-15 और 16 को जोड़ने वाली डिवाइडिंग सड़क, जिस पर 13.25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, वहां भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। फुटपाथ और साइकिल ट्रैक अतिक्रमण की चपेट में हैं, जिससे आम नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।

