Faridabad/Alive News: फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में हरियाणा का पहला वन्यजीव निगरानी और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला वन विभाग ने इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
प्रस्तावित केंद्र वन्यजीवों के अध्ययन, निगरानी, बचाव कार्यों के समन्वय और दीर्घकालिक पारिस्थितिक शोध के लिए एक प्रमुख हब के रूप में काम करेगा। वन विभाग के अनुसार, धौज क्षेत्र आरक्षित वन में आता है, जहां पहले से ही कैमरा ट्रैप के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी आधार पर अब इसे स्थायी अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
इस केंद्र में एकत्र किए गए डाटा के जरिए वन्यजीवों की संख्या और उनके व्यवहार का गहन अध्ययन किया जाएगा, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन भी अधिक प्रभावी बनेंगे। अरावली क्षेत्र में बढ़ते शहरी दबाव के बीच यह पहल पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा, वन्यजीवों की निगरानी के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग प्रणाली लागू की जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 के बाद से यहां वन्यजीवों की आधिकारिक गणना नहीं हुई है। हालांकि, क्षेत्र में तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा और नीलगाय जैसे वन्यजीवों की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए उनकी संख्या में इजाफा होने का अनुमान है।
एडवांस कैमरा ट्रैप तकनीक के जरिए 24 घंटे निगरानी और सटीक गणना संभव होगी, जिससे वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
क्या कहना है कजरवेटर का
अरावली क्षेत्र में वन्यजीव निगरानी और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की तैयारी की जाएगी।
-सुभाष यादव, कजरवेटर, वन विभाग, गुरुग्राम डिविजन

