Faridabad/Alive News: डीएवी शताब्दी महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “पुस्तकालयों और शैक्षणिक संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवीन सेवाएं एआईएसएलए-2026” के प्रथम दिवस पर विशेषज्ञों ने शिक्षा और पुस्तकालय सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उचित एवं नैतिक उपयोग पर अपने विचार रखे।
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथियों, वक्ताओं व देश-विदेश से जुड़े शिक्षाविदों का स्वागत करते हुए कहा कि एआई शिक्षा और पुस्तकालय सेवाओं को नई दिशा दे रहा है। सम्मेलन संयोजक डॉ. अर्चना सिंघल ने सूचना प्रबंधन और शोध कार्य में एआई की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. ज्योति राणा ने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान व नवाचार के केंद्र हैं और एआई का समन्वय समय की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि डॉ. संजीव कुमार गुप्ता ने एआई उपकरणों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया।
प्रमुख वक्ताओं ने जेनरेटिव एआई, डिजिटल नवाचार और औद्योगिक प्रबंधन में एआई के व्यावहारिक प्रयोगों पर चर्चा की। दिनभर चले तकनीकी सत्रों में कुल 27 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें एआई के लाभ, चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन हुआ।
सम्मेलन के पहले दिन का निष्कर्ष रहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा और पुस्तकालय सेवाओं को नई दिशा देने में सक्षम है और यह आयोजन शोधकर्ताओं व शिक्षाविदों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है।

