March 7, 2026

सूरजकुंड मेले में हरियाणा खादी ग्रामोद्योग के स्वदेशी उत्पादों की धूम, पर्यटकों को आ रहे खूब पसंद

Faridabad/Alive News: 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में देशभर से आए शिल्पकारों के साथ हरियाणा खादी ग्रामोद्योग के स्वदेशी उत्पाद भी लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। स्टॉल नंबर 832 पर लगाए गए इस स्टॉल पर प्राकृतिक और शुद्ध उत्पादों की अच्छी मांग देखी जा रही है।

स्टॉल संचालक प्रवीण ने बताया कि यहां 15 से 20 प्रकार के उत्पाद उपलब्ध हैं। इनमें धूप, अगरबत्ती, परफ्यूम, इत्र, अचार, देसी घी के लड्डू, अलसी और चने से बने पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी उत्पाद प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए हैं और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं।

उन्होंने बताया कि अलसी और चने से बने देसी घी के लड्डू लगभग 800 रुपये में मिल रहे हैं, जबकि अन्य सामान 50 रुपये से 800 रुपये तक की किफायती कीमत पर उपलब्ध है, ताकि हर वर्ग के लोग इन्हें खरीद सकें।

प्राकृतिक खुशबू और पारंपरिक स्वाद बना आकर्षण
धूप, अगरबत्ती, इत्र और परफ्यूम अपनी प्राकृतिक सुगंध और लंबे समय तक टिकने वाली खुशबू के कारण लोगों को पसंद आ रहे हैं। वहीं देसी घी और पारंपरिक अचार अपनी शुद्धता और स्वाद के चलते खरीदारों की पहली पसंद बन रहे हैं। पर्यटकों का कहना है कि ये उत्पाद केमिकल-फ्री और भरोसेमंद हैं।

ग्रामीण उद्योग को मिल रहा बढ़ावा
प्रवीण ने बताया कि खादी ग्रामोद्योग का उद्देश्य ग्रामीण उद्योग को मजबूत करना, स्थानीय कारीगरों और किसानों को रोजगार देना और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है। इन उत्पादों के निर्माण से कई ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिल रहा है।

मेले से मिल रहा बड़ा मंच
सूरजकुंड मेला जैसे आयोजन ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों को अपने उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का अच्छा अवसर देते हैं। यहां आने वाले पर्यटक स्वदेशी और प्राकृतिक उत्पादों में बढ़ती रुचि दिखा रहे हैं और कई लोग इन्हें घरेलू उपयोग के साथ-साथ उपहार के रूप में भी खरीद रहे हैं।

प्रवीण ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित यह मेला न केवल बिक्री का मंच है, बल्कि कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का भी माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे चलकर इन उत्पादों को देशभर में और पहचान मिलेगी।