March 7, 2026

सूरजकुंड मेले में ‘भजन संगम’ बना युवाओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण, संगीत के साथ मिला शांति का संदेश

Faridabad/Alive News: 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में आयोजित ‘भजन संगम’ कार्यक्रम युवाओं के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता का नया माध्यम बनकर उभर रहा है। यह कार्यक्रम दी आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रवि शंकर के मार्गदर्शन से प्रेरित है।

कार्यक्रम के प्रायोजक राजेंद्र भाटी ने द्वितीय चौपाल पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कहा कि गुरुदेव रवि शंकर आज 180 से अधिक देशों में लोगों को दी आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से भौतिक जीवन की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भजन संगम जैसे आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राजेंद्र भाटी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऐसे कार्यक्रम केवल मनोरंजन नहीं करते, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास का मार्ग भी दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार दी आर्ट ऑफ लिविंग और भजन संगम से जुड़ा हुआ है और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

इस अवसर पर उन्होंने दी आर्ट ऑफ लिविंग की एरिया टीचर कोऑर्डिनेटर हेमा शर्मा, हरियाणा पर्यटन विभाग और सूरजकुंड मेला प्राधिकरण का सहयोग के लिए आभार जताया तथा युवाओं से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम संयोजक और बीरबल कम्युनिकेशन के संस्थापक मुकेश धामा ने बताया कि अरावली की वादियों में स्थित सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह मेला विश्व के सबसे बड़े शिल्प मेलों में से एक है, जहां पर्यटन, हस्तशिल्प, कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

कार्यक्रम में भूषण सिंगल, ख्याति अदलखा, अक्षय वर्मा, भारत भूषण, ओंकार शर्मा और बाल संगीतकार हमसिनी कौशिक व स्मही कौशिक ने अपनी प्रस्तुति से माहौल को भक्ति और संगीत से सराबोर कर दिया। उनके आध्यात्मिक संगीत ने दर्शकों को मानसिक शांति का अनुभव कराया और प्रकृति व परम शक्ति से जुड़ने का संदेश दिया।