Faridabad/AliveNews: फरीदाबाद जिले में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह लाए गए नए रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-GRAMG कानून के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास और सांकेतिक धरना दिया। यह धरना एनएच-5 स्थित महात्मा गांधी पार्क में किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाजू पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
कांग्रेस नेताओं ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर कहा कि मनरेगा में बदलाव करना गरीबों के साथ धोखा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने कहा कि मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलकर ग्रामीण गरीबों के अधिकार छीने जा रहे हैं। नए कानून में पंचायतों के अधिकार कम कर दिए गए हैं और मजदूरों के हक को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकारों की स्वायत्तता और ग्रामीण रोजगार के अधिकारों पर हमला हुआ है।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार योजनाबद्ध तरीके से मजदूरों, महिलाओं और युवाओं से जुड़ी योजनाओं को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस ने मांग की कि वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा बनाया गया मनरेगा कानून, जिसका पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी, उसी रूप में लागू रखा जाए।
वहीं भाजपा नेताओं ने नए कानून का समर्थन किया है। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, जिससे किसानों और मजदूरों की आय बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना में जल संचयन, कृषि से जुड़े काम और भूजल स्तर सुधार पर खास ध्यान दिया जाएगा, जिससे गांवों की बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन में पूर्व प्रत्याशी लखन सिंगला, कांग्रेस नेता सुमित गौड़, सुनीता शर्मा (जिला प्रभारी, मनरेगा बचाओ संग्राम कमेटी) सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

