Faridabad/Alive News: हरियाणा सरकार के खान एवं भूविज्ञान निदेशालय ने राज्य में रेत खनन के लिए ई-नीलामी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार फरीदाबाद और पलवल जिलों में लघु खनिज “रेत” के उत्खनन हेतु खनन खनिज अधिकार देने के लिए यह ई-नीलामी पूरी तरह ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।
अधिसूचना के मुताबिक ई-नीलामी प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक बोलीदाता 1 से 22 जनवरी 2026 तक यूजर आईडी पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड, अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) और ई-सर्विस शुल्क जमा कर सकेंगे। सभी आवेदन और भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। मुख्य बोली प्रक्रिया 28 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे शुरू होगी। नीलामी में सबसे अधिक बोली लगाने वाले को नीलामी समाप्ति के 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक बोली सुरक्षा राशि जमा करनी होगी।
ई-नीलामी के तहत कुल पांच खनन इकाइयों डूंगरपुर से शिकारगाह, लतीफपुर से दुलेहपुर, भिकुका से जाफरपुर माजरा, छायंसा उत्तर और छायंसा दक्षिण को शामिल किया गया है। इनका कुल खनन क्षेत्र लगभग 538.44 एकड़ है, जबकि कुल आरक्षित मूल्य 104.82 करोड़ रुपये तय किया गया है। डूंगरपुर से सिखरगढ़ इकाई का आरक्षित मूल्य 12.24 करोड़ रुपये (10 वर्ष), लतीफपुर से दुलेहपुर का 35.25 करोड़ रुपये, भिकुका से जाफरपुर माजरा का 4.21 करोड़ रुपये, छायंसा उत्तर का 27.46 करोड़ रुपये और छायंसा दक्षिण का 25.46 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। अनुबंध अवधि 8 से 10 वर्ष के बीच रहेगी।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि खनन अनुबंध की अवधि पर्यावरणीय स्वीकृति (ईसी) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन की सहमति (सीटीओ) मिलने की तिथि से प्रभावी होगी। अधिकारियों ने बोलीदाताओं से ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय पर आवेदन करने की अपील की है।
हरियाणा में रेत खनन के लिए ई-नीलामी की घोषणा

