Faridabad/Alive News: सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी ग्राउंड में आयोजित सरस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से आए कारीगर अपनी पारंपरिक और हस्तनिर्मित कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के एक छोटे से गांव नगर से आई सोनिया ने सरस मेले में अपना स्टॉल लगाया है। सोनिया का स्टॉल नंबर 057 है, जहां उनके द्वारा बनाए गए क्रोशिए के सुंदर और आकर्षक उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं।
सोनिया के स्टॉल पर क्रोशिए से बने फूल, बच्चों के लिए गुड़िया, की-चेन, बच्चों के कपड़े, मौजे और ड्रेसेज उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि ये सभी उत्पाद पूरी तरह हाथ से बनाए गए हैं, जिनमें बारीक कारीगरी और मेहनत साफ नजर आती है।
सोनिया ने बताया कि उनके साथ 8 महिलाओं का एक समूह काम करता है। इस समूह की सभी महिलाएं गृहिणी हैं और घर पर रहकर ही क्रोशिया का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि वह इस क्षेत्र में वर्ष 2006 से काम कर रही हैं। पहले वह यह काम किसी और के लिए करती थीं, लेकिन वर्ष 2006 में उन्होंने खुद का काम शुरू किया और अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ा।
उन्होंने अपने उत्पादों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनके स्टॉल पर की-चेन 150 से 300 रुपये तक, क्रोशिए के फूल 200 से लेकर 3500 रुपये तक और बच्चों के खिलौने 2000 से 3000 रुपये तक उपलब्ध हैं।
सोनिया ने बताया कि एक क्रोशिए का फूल तैयार करने में करीब 2 घंटे का समय लगता है, जबकि एक गुड़िया बनाने में 2 से 3 दिन तक लग जाते हैं। इतनी मेहनत और समय से तैयार किए गए उत्पादों को देखने और खरीदने के लिए सरस मेले में बड़ी संख्या में लोग उनके स्टॉल पर पहुंच रहे हैं।
सरस मेला न सिर्फ देश की पारंपरिक हस्तकला को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि सोनिया जैसी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।

