Faridabad/Alive News : फर्कपुर थाना क्षेत्र के गांव सुढ़ेल के पास राक्षी नदी पुल के नीचे मिले 42 वर्षीय अनिल कुमार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज तीन घंटे में सुलझा ली। इस ब्लाइंड मर्डर केस में अपराध शाखा-1 और 2 की संयुक्त पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि अनिल कुमार द्वारा कंपनी प्रबंधन में की जा रही शिकायतों से नाराज होकर उसी कंपनी में कार्यरत सिक्योरिटी गार्ड रवि ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने 23 दिसंबर को गांव खेड़ी रांगड़ान स्थित वर्धमान कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड के कमरे में अनिल की चाकू से हत्या कर दी। इसके बाद शव को बाइक पर ले जाकर 25 दिसंबर को सुढ़ेल के पास राक्षी नदी पुल के नीचे फेंक दिया।
एडिशनल एसपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि 25 दिसंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि सुढ़ेल गांव के पास राक्षी नदी पुल के नीचे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव की पहचान महमूदपुर निवासी अनिल कुमार पुत्र राकेश कुमार के रूप में हुई।
मृतक के भाई सुनील कुमार की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच अपराध शाखा को सौंपी गई। एएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह ब्लाइंड था, लेकिन पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के निर्देश पर अपराध शाखा-1 और 2 की पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच को तेजी से आगे बढ़ाया।
लगातार पूछताछ और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने तीन घंटे के भीतर हत्या की साजिश का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव काजल माजरा, छछरौली निवासी रवि कुमार, वंश और सनी उर्फ चन्नी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार रवि उसी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर कार्यरत था, जहां मृतक अनिल पहले काम कर चुका था। अनिल द्वारा की जा रही शिकायतों को लेकर रवि रंजिश रखता था।एडिशनल एसपी ने बताया कि इस हत्या में कुल चार आरोपी शामिल थे, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि हत्या में प्रयुक्त चाकू, बाइक और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए जा सकें।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सतीश कुमार, एएसआई योगेश, विकास, अंकित, राजीव और अजय की अहम भूमिका रही। अपराध शाखा-1 इंचार्ज राजकुमार और अपराध शाखा-2 इंचार्ज राकेश कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस ने तालमेल के साथ इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफल खुलासा किया।

