Faridabad/Alive News: अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस के अवसर पर डायनेस्टी इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य नितिन वर्मा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे शिक्षा समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि युवाओं की शक्ति, संभावनाओं और सपनों का उत्सव है।
प्रधानाचार्य वर्मा ने अपने संदेश में कहा कि विद्यार्थी सिर्फ पाठ्यपुस्तकों से नहीं सीखते, बल्कि प्रश्न पूछते हैं, खोजते हैं और चुनौतियां स्वीकार करते हुए भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने प्रत्येक बच्चे को प्रतिभा और असीम संभावनाओं से भरा हुआ बताया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान नहीं देती, बल्कि आत्मा को जागृत करती है, कल्पनाओं को पंख देती है और चरित्र में संस्कार व सद्भावना का निर्माण करती है। डायनेस्टी इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है जो केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट हों, बल्कि समाज की सेवा का भाव भी रखें।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को निडर होकर सोचने, ईमानदारी से काम करने और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि दुनिया को दूरदर्शी विचारकों और करुणामयी नेताओं की जरूरत है और ऐसे युवा हमारे स्कूलों में ही विकसित होते हैं।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों से कहा, “आप भविष्य की तैयारी नहीं कर रहे, आप ही भविष्य हैं। ईमानदारी से चलें, जुनून से सीखें और मानवता के साथ नेतृत्व करें।”
अपने संदेश के अंत में उन्होंने सिडनी जे. हैरिस का उद्धरण साझा किया “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य दर्पणों को खिड़कियों में बदलना है।”
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों के प्रति सम्मान, गर्व और विश्वास व्यक्त करते हुए अपना संदेश समाप्त किया।

