4 करोड़ की लागत से हुआ था रिपेयर, गुणवत्ता पर उठे सवाल
Gungun/Alive News
करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से रिपेयर हुआ नीलम रेलवे पुल एक साल भी नहीं चला। पुल के फुटपाथ पर लगी टाइलें उखड़ने लगी हैं और रेलिंग के पास लगी लोहे की पाइपें भी जगह-जगह से टूट गई हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि कुछ साल पहले नीलम रेलवे पुल के नीचे स्थित एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लगी थी, जिसके चलते पुल का एक पिलर डैमेज हो गया था। यह पुल एनआईटी क्षेत्र को हाईवे से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। हादसे के बाद पुल की एक साइड को लगभग एक महीने तक बंद रखा गया था।

इसके बाद एफएमडीए ने पुल के रिपेयरिंग का कार्य 25 सितंबर 2023 को शुरू कराया था। रिपेयरिंग के कार्य में सुधार और हाइवे की ओर स्लिप रोड बनाने का कार्य भी शामिल था। ठेकेदार को यह काम पूरा करने में कई महीने लगे थे।
हालांकि पुल की रिपेयरिंग के काम को एक साल भी नहीं हुआ कि अब पुल के फुटपाथ पर टाइलें उखड़कर इधर-उधर फैली नजर आ रही हैं और रेलिंग के पास लौहे की पाइपें टूटने लगी हैं, जिससे नीलम रेलवे पुल की नवनिर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

इधर, बाटा रेलवे फ्लाईओवर का रिपेयरिंग कार्य भी इस समय चल रहा है। वहां पर पीडब्लूडी के अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है
क्या कहना है एफएमडीए का
टाइलों को इसलिए निकाला गया है क्योंकि पुल पर लगी लाइटों की वायरिंग होनी है जैसे ही यह काम खत्म होगा तो इन टाइलों का दोबारा लगा दिया जाएगा।
– नेहा शर्मा, पीआरओ फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए)

