International/Alive News: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक फैसलों की सराहना करते हुए कहा है कि भारत पर प्रतिबंध लगाने की कोई भी कोशिश करने वाले देशों को खुद इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है, जो हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसले लेता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत किसी भी दबाव में नहीं आएगा और प्रतिबंधों की धमकी उल्टा असर कर सकती है।
पुतिन ने कहा कि भारत को यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वह कौन-से उत्पाद और तकनीक अपने लिए सबसे बेहतर मानता है। कोई भी देश भारत के फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकता।
भारत-रूस संबंधों पर नहीं पड़ेगा असर
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और रूस के संबंध किसी राजनीतिक माहौल या अंतरराष्ट्रीय दबाव से प्रभावित नहीं होते। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी देश रूस को यह निर्देश नहीं दे सकता कि वह भारत को क्या आपूर्ति करे और क्या नहीं।
BRICS ने G7 को छोड़ा पीछे
पुतिन ने दावा किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आ रहा है और BRICS देशों ने आर्थिक आकार के मामले में G7 देशों को पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक GDP वृद्धि में BRICS देशों का योगदान लगभग 49 प्रतिशत रहा, जबकि G7 देशों का योगदान केवल 18 प्रतिशत रहा। क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारत की तारीफ
पुतिन ने भारत को डिजिटल और आईटी क्षेत्र का प्रमुख खिलाड़ी बताते हुए कहा कि वैश्विक सॉफ्टवेयर बाजार में भारत की मजबूत और महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। उन्होंने भारत को रूस का एक अहम और भरोसेमंद साझेदार बताया।

