March 8, 2026

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अंडरपास अतिक्रमण के शिकार, जिम्मेदार चुप

 Faridabad/Alive News: जिले की 26 किलोमीटर बाईपास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा बन चुकी है। इस भाग पर आवागमन शुरू हुए साल भर से अधिक है लेकिन सुगन आवागमन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर निर्बाध आवागमन के लिए चौराहों अंडरपास बनाए जा चुके हैं। इन्हीं अंडरपास के नीचे अतिक्रमण होना शुरू हो गया है। अतिक्रमणकारियों ने जगह भी तय कर ली गई है। एक ही जगह रेहड़ी खोमचे, अर्थमूवर व अन्य वाहन खड़े हो रहे हैं। इनकी वजय से अन्य वाहन चालक भी यहां रुकते है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। इन अड़पास के नीचे से शहर से लेकर गांव के लोग निकलते हैं। अतिक्रमण पर कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। फरीदाबाद से सेक्टर- 37 के पास कनेक्ट हो रहा है। यहां से कैल इंटरचेंज को पार करते हुए आगे सोहना की ओर जाता है। यह भाग पूरी तरह से आवागमन के लिए खोला जा चुका है।

इस अंडरपास के एक ओर सेक्टर व दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र है। प्रतिदिन एक लाख से अधिक वाहन चालकों का आवागमन होता है। यहां पर नियमित रूप से खाने पीने की रेहड़ी खड़ी होने लगी हैं। इस कारण यहां लोग भी जमा होने लगे है। इससे चौराहे से निकलने वाले वाहन चालकों को परेशानी होने लगी है। 

एक्सप्रेसवे के नीचे सेक्टर दो का अंडरपास बल्लभगढ़  तिगांव रोड को जोड़ता है। इस अंडरपास पर अर्थमूवर व बड़ी क्रेन नियमित तौर पर खड़ी होती है। चौराहे की साइड में भी क्रेन खड़ी होती हैं। इनसे आवागमन प्रभावित होता है।

बड़ौली के सामने सेक्टर 13 की ओर एक्सप्रेसवे का एलिवेड रोड बना हुआ है। इसके नीचे जगह  जगह विभिन्न प्रकार का अतिक्रमण हो रहा है। कहीं गाड़ियों की पार्किंग होती  है तो कहीं पानी के टैंकर खड़े किए जाते हैं। यहां तक कि बड़े ट्रक व ट्राला भी नाचे खड़े होने लगे हैं। रातभर यहीं ठहराव रहता है। इससे आवागमन करने वाले वाहन चालकों को खतरा रहता है। 
एक्सप्रेसवे की दोनों ओर बनी लिंक सड़क किनारे भी बुरा हाल है। यहां तो स्थायी रूप से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग की जमीन कब्जाई हुई है। दुकानें  बना ली गई हैं। लिंक सड़क की ग्रिल को काटकर अवैध रास्ते बना लिए गए है। यहां पर पूरी तरह से अवैध कब्जा कर रखा है। 

क्या कहना है एडवोकेट का

वाहन चालकों के सुरक्षित आवागमन की जिम्मेदारी प्रशासन की है। एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से सोहना की ओर सफर करने वालों के लिए तो परेशानी नहीं है लेकिन शहर और गांव के लोग अतिक्रमण से परेशान हैं। अतिक्रमण का सफाया होना चाहिए। 

– एडवोकेट संदीप सेठी।

हर विभाग का अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि वह सुनिश्चित करें कि आमजन को परेशानी न हो। कई बार सड़क हादसों का कारण विभागीय लापरवाही होता है।  इसलिए अतिक्रमण का सफाया जरूर होना चाहिए ताकि सुरक्षित सफर तय हो सके।

– विजयपाल भारद्वाज