Faridabad/Alive News: शारदीय नवरात्रों की महाअष्टमी तिथि पर श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर में मां महागौरी की भव्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस अवसर पर परंपरागत रूप से कंजक पूजन भी किया गया।
मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने श्रद्धालुओं को अष्टमी पूजन और नवरात्रों की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां महागौरी की महिमा का बखान करते हुए बताया कि दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की आठवीं शक्ति महागौरी की आराधना की जाती है।
उन्होंने कहा कि देवी भागवत पुराण के अनुसार मां के नौ रूप और दस महाविद्याएं आदिशक्ति भवानी के अंश हैं, परंतु देवों के देव महादेव के साथ अर्धांगिनी रूप में महागौरी ही विराजमान रहती हैं। उनकी कृपा से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं, जीवन में सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं।
मंदिर परिसर में पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। भाटिया ने बताया कि महागौरी को शांति, पवित्रता और सौंदर्य की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि उनकी आराधना से भक्त को मनचाहा वरदान प्राप्त होता है और जीवन की हर कठिनाई समाप्त होती है।
महागौरी माता अविवाहित कन्याओं को शुभ विवाह तथा विवाहित स्त्रियों को सौभाग्य, सुख और संतान-सुख प्रदान करती हैं। उनका स्वरूप अत्यंत श्वेत, निर्मल और शांत है, जो भक्तों को अन्नपूर्णा के रूप में जीवनभर कल्याण का आशीर्वाद देती हैं।

