March 7, 2026

इजराइली पीएम बोले- कतर में रह रहे हमास नेताओं को खत्म करके ही जंग रुकी, इसलिए गाजा के लोगों की चिंता नहीं

Delhi/Alive News: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि कतर में रहने वाले हमास के नेताओं को खत्म करके ही जंग को रोका जा सकता है।

नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, ‘कतर में रह रहे हमास के आतंकवादी प्रमुखों को गाजा के लोगों की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने युद्ध को अंतहीन रूप से जारी रखने के लिए युद्धविराम के सभी प्रयासों को रोक दिया। उनसे छुटकारा पाने से ही हमारे सभी बंधकों को रिहा किया जा सकेगा।’

हाल ही में इजराइल ने दोहा में हमास के नेताओं पर हवाई हमले किए, जिनकी कतर ने निंदा की है। हमास ने कहा कि उसके वरिष्ठ नेता और वार्ता दल के सदस्य इस हमले में बच गए, लेकिन पांच सदस्य मारे गए, जिनमें हमास के निर्वासित गाजा प्रमुख खलील अल-हय्या का बेटा भी शामिल है।

कतर ने बताया कि उसका एक आंतरिक सुरक्षा बल का सदस्य भी मारा गया। हमास ने इस हमले को हत्या की साजिश करार दिया और कहा कि इससे गाजा युद्ध को खत्म करने की उनकी शर्तें नहीं बदलेंगी।

इजराइल चाहता है कि हमास सभी बंधकों को रिहा करे और अपने हथियार डाले। वहीं, हमास का कहना है कि वह तब तक सभी बंधकों को रिहा नहीं करेगा, जब तक युद्ध खत्म करने का समझौता नहीं होता और फिलिस्तीनियों को स्वतंत्र राज्य नहीं मिलता।

स्लोवेनिया के दौरे पर गए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि युद्ध से समस्याएं हल नहीं होतीं और टैरिफ उन्हें और बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा- ‘ना हम जंग की साजिश रचते हैं, ना शामिल होते हैं’।

यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने नाटो देशों से रूस से तेल खरीदना बंद करने और चीन पर 100 % टैरिफ लगाने को कहा था। दरअसल, ट्रम्प ने नाटो देशों को पत्र लिखकर कहा था कि रूस से तेल खरीदना नाटो की ताकत को कम करता है।

अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन चीन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। चीन रूस को अपना करीबी दोस्त मानता है। अमेरिका ने जी7 देशों (कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन) से भी कहा है कि वे भारत और चीन पर रूसी तेल खरीदने का दबाव बनाएं।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने कहा था, ‘पुतिन के युद्ध को रोकने के लिए रूस की कमाई बंद करनी होगी।’ इससे पहले, वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की और कहा कि दोनों देशों को बिना रुकावट के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।