Faridabad/Alive News : सार्वजनिक स्थानाें पर कुताें काे खिलाने पर सुप्रीम काेर्ट ने मनाही की है, इसके बावजूद एक महिला पर निर्देशाें का उल्लंघन करने का आराेप लगा है। इस पर आरडब्लयूए ने महिला पर जुर्माना लगा दिया है। कई बार जुर्माना लगने के बाद उस महिला पर अब तक सवा लाख जुर्माना हाे चुका है। मामला ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर – 86 स्थित प्रिंसेस पार्क साेसायटी का है। नगर निगम इस मामले में कार्रवाई की बात ताे करता है, पर कार्रवाई का काेई दायरा स्पष्ट नहीं है।
साेसायटी महिला ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर इस बाबत पाेस्ट कर विवाद काे हवा देने का काम किया है। दिव्या नायक ने आराेप लगाया है कि 22 अगस्त से साेसायटी में कुताें काे खाना खिलाने पर राेक लगा दी गई है। साेसायटी में 40 कुते हैं। साेसायटी में कुताें काे खाना खिलाने की मनाही हाेने के कारण वह भूखे हैं। जब उसने खाना खिलाया ताे उस पर जुर्माना लगा दिया गया। यह राशि अब 1. 25 लाख रुपये पहुंच चुकी है। दिव्या ने साेसायटी में लेड़ी बाउंसरराें की तैनाती का भी आराेप लगाया है। वह वर्ष 2022 साेसायटी में कुताें काे खाना खिला रही हैं। इसकाे लेकर लेकर आरडब्ल्यूए पदाधिकारियाें और दिव्या नायक के बीच कई बार विवाद हाे चुका है।
इस बारेमें साेसायटी निवासियाें ने कहा कि महिला काे फीड़िंग प्वाइंट पर कुताें काे खाना खिलाने के लिए कई बार कहा गया है, लेकिन आरडब्ल्यूए के निर्देशाें काे अनुसना करते हुए साेसायटी में कहीं भी खाना खिलाने लगती हैं, जिससे अन्य निवासियाें काे परेशानी हाेती है। कुते कई बार लाेगाें पर हमला कर देते है। हर महीने कुताें के हमले के आठ से 10 मामले सामने आते है। निवासियाें की शिकायत पर आरडब्ल्यूए ने साेसायटी के नियमानुसार समय- समय पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया और तीन वर्षा में यह जुर्माना राशि 1.25 लाख हाे गई है।
लाेगाें का कहना है कि अभी तक आवारा कुते साै से ज्यादा निवासियाें काे काट चुके हैं। कुताें के हमले से परेशान तीन परिवार अपना ही फ्लैट छाेड़कर दुसरी साेसायटी में किराए पर रहने के लिए मजबूर हैं। इस सबंध में दिव्या नायक से कई बार संर्पक किया गया , पहले उन्हाेंने मैसेज करके व्यस्तता जताई, इसके बाद फाेन उठाना और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया।
साेसायटी एक्ट के तहत की है कार्रवाई, जुर्माना ताे भरना ही हाेगा
इस मामले में प्रिंसेस पार्क साेसायटी की आरडब्ल्यूए के उप प्रधान रणमीक चहल के अनुसार आरडब्ल्यूए की ओर से मार्केट एरिया में कुताें के लिए गेटेड फीडिंग प्वाइंट बनाया गया है। सुचना चस्पा हाेने के बाद भी संबंधित महिला साेसायटी में सार्वजनिक स्थानाें पर कुताें काे खाना खिलाती हैं। कई बार समझाया गया, लेकिन मानती नहीं हैं। मजबूरन जुर्माना लगाना पड़ा है और यह साेसायटी के नियमानुसार ही किया जा रहा है। यह राशि नहीं देने पर सोसायटी एक्ट के तहत कार्रवाई हाेगी और फिर जुर्माना न अदा किया गया ताे हम काेर्ट में जाएंगे। हमें मजबूरन जरूरी मूलभूत सुविधाएं बंद करनी पड़ सकती हैं। अगर जुर्माना नहीं भरा जाएगा ताे काेई भी अपना फ्लैट बेच नहीं सकता, क्याेंकि पहले एनओसी लेनी हाेगी। हमारा ताे यही आग्रह कि जिसे भी कुताें काे खाना खिलाना है वह फीडिंग प्वाइंट पर ही व्यवस्था कर सकता है। लेड़ी बाउंसराें काे तैनाती पर रणमीक चहल ने कहा कि साेसायटी में इस प्रकार की काेई तैनाती नहीं की गई है।
क्या कहना है स्वास्थ्य अधिकारी का
सुप्रीम काेर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम की ओर से शहर में प्वाइंट बनाए जा रहा हैं। कुताें के बंध्याकरण पर भी जाेर दिया जा रहा है। फीडिंग प्वाइंट बनाने के बाद अगर काेई सार्वजनिक स्थानाें पर इधर -उधर किसी कुत काे खाना खिलाता है ताे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-नितीश परवाल, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।

