March 8, 2026

विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में होगा शोध महाकुंभ

Palwal/Alive News: क्षी विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में आगामी 26 सितंबर को तकनीक और कौशल विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शोध महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश और विदेश के 100 से अधिक विशेषज्ञ भाग लेंगे। आयोजन का मुख्य आकर्षण यह रहेगा कि सभी शोध पत्र हिंदी भाषा में प्रस्तुत किए जाएंगे।

सम्मेलन का विषय ‘तकनीकी और कौशल शिक्षा की परिवर्तनकारी गतिशीलता’ निर्धारित किया गया है। कुलपति प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि इस आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें तकनीक और कौशल जैसे विषयों को स्वदेशी भाषाओं में पढ़ाए जाने और शोध को हिंदी में प्रोत्साहित किया गया है।

प्रो. कुमार ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर हिंदी में तकनीक और कौशल पर शोध महाकुंभ आयोजित करना विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। यह सम्मेलन न केवल शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के लिए नए आयाम खोलेगा, बल्कि तकनीकी और कौशल क्षेत्र के लिए एक मजबूत मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।

सम्मेलन की संरक्षक एवं कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने बताया कि इसका उद्देश्य वैश्विक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में बदलती दुनिया की मांगों के अनुरूप विकसित हो रही शैक्षिक सामग्री और शिक्षण पद्धतियों पर भी मंथन किया जाएगा।

संयोजक प्रोफेसर आर. एस. राठौड़ ने बताया कि यह आयोजन विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी कौशल संकाय तथा विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। दुनिया भर से प्राप्त शोध पत्रों में से 10 चयनित शोधपत्र विज्ञान भारती की शोध पत्रिका विज्ञान प्रकाश में प्रकाशित किए जाएंगे।

प्रो. राठौड़ ने बताया कि शोध पत्रों में कौशल शिक्षा के बदलते स्वरूप, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन में उद्योग की भूमिका, पाठ्यक्रम उन्नयन, इंजीनियरिंग, विज्ञान, मानविकी, प्रबंधन और कृषि जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

इस सम्मेलन के माध्यम से तकनीक और कौशल के क्षेत्र में स्वदेशी भाषा में शोध को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। विज्ञान भारती और विश्वविद्यालय का यह साझा प्रयास इस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।