Faridabad/Alive News: आज गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने दीनदयाल जन आजीविका योजना की बैठक की। जिसमें योजना संबंधित विभागों के अधिकारियों मौजुद रहे। धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारत सरकार से विचार विमर्श करने के बाद हरियाणा प्रदेश के फरीदाबाद शहर को पायलट सिटी चुना था जिसे लेकर इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू किया जा चुका है।
पायलट प्रोजेक्ट की पहली बैठक विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ की गई है, जिसमें उन्हें इस कार्य को देखने के लिए अलग से नोडल अधिकार नियुक्त करने के निर्देश दिए गए ताकि आमजन को भारत सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके और घर-घर सरकार की योजना से लाभार्थी लाभान्वित हो सके।
बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त प्रथम सलोनी शर्मा,अतिरिक्त निगम आयुक्त द्वितीय गौरव अंतिल,एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर डॉo विजयपाल यादव,डिप्टी सीएमओ डॉ मानसिंह , जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी जिला सोशल वेलफेयर ऑफीसर डेप्युटी लेबर कमिश्नर के अधिकारी डिप्टी डायरेक्टर लेबर डिपार्मेंट फरीदाबाद के अधिकारी जिला रोजगार कार्यालय फरीदाबाद के अधिकारी प्रोग्राम ऑफिसर वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट फरीदाबाद के अधिकारी और लैंड बैंक मैनेजर केनरा बैंक अधिकारी सहित सभी संबंधित 11 विभागों के अधिकारी और निगम के चीफ इंजीनियर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य सरकार ने दीनदयाल जन आजीविका योजना- शहरी [डे जय एस] के कार्यान्वयन हेतु फरीदाबाद को पायलट शहर के रूप में चुना है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग को जरिए शुरू की जाने वाली दीनदयाल जन आजीविका योजना- शहरी के पायलट प्रोजेक्ट के दौरान नोडल अधिकारी नियुक्ति नगर परियोजना अधिकारी द्वारका प्रसाद को किया गया है और मिशन निदेशक, राज्य शहरी विकास प्राधिकरण, हरियाणा, पंचकूला को सूचित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) के पायलट के घटक (डी जे एस) समुदाय नेतृत्व वाली संस्था विकास, वित्तीय समावेशन और उद्यम विकास (एफ आई एंड ईडी) जबकि सामाजिक अवसंरचना में (आश्रय स्थल, देखभाल क्लस्टर, श्रमिक चौक आदि) पायलट चरण के दौरान की जाने वाली गतिविधियाँ में शहरी गरीबों की सामाजिक-आर्थिक रूपरेखा और सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ संबंध। इन कमजोर समूहों को ईडीपी कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अगर कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहते है तो नगर निगम कार्यालय में संपर्क करे। इस योजनी को सफल बनाने के लिए कई विभागो को जिम्मेदारी सोपी गई है।

