March 13, 2026

एनसीईआरटी की बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें लगा रहे प्राइवेट स्कूल

Chandigarh/Alive News: स्कूलों में नया शिक्षा सत्र अभी शुरू भी नहीं हुआ और स्कूल प्रबंधकों ने उससे पहले ही अभिभावकों से लूट करनी शुरू कर दी है। अनेक स्कूलों के प्रबंधक नए शिक्षा सत्र में बढ़ाई गई फीस की जानकारी व स्कूल के अंदर खोली दुकान या अपनी बताएं दुकान से कॉपी खरीदने के लिए कह रहे हैं।

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधक ने 12 शिक्षा निदेशक पंचकूला की मंजूरी के बिना मनमानी फीस वृद्धि कर दी हैं, दूसरा स्कूलों में सस्ती निजी प्रकाशकों की किताबों को लगाया जा रहा है। इसके अलावा जो कभी बाजार में 20 रूपये की मिलती है उस पर स्कूल का लेबल लगाकर उसे 40 से 50 रूपये में बेचा जा रहा है। सीबीआई पर शिक्षा विभाग के आदेशों को निजी स्कूल सीबीएसई व शिक्षा विभाग के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं।

एडवोकेट मुकेश बंसल ने कहा कि शिक्षा विभाग हरियाणा के नियम कानूनों में साफ-साफ लिखा है कि स्कूल प्रबंधक अपने स्कूलों में सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें लगाएं। प्राइवेट प्रकाश को महंगी , मोटी किताबों को लगाकर बस्ते का बोझ नहीं बढ़ाएं। केंद्रीय शिक्षा विभाग ने प्रत्येक क्लास के लिए बच्चों के बस्ते का वजन निर्धारित कर रखा है इस बारे में कोर्ट का सहारा ले सकते हैं।