June 6, 2026

फरीदाबाद निगम के 34 पार्षदों ने दिया जवाब, मेयर और कमिश्नर को ठहराया जिम्मेदार

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और फाइनेंस कमेटी के गठन को लेकर चल रहे विवाद के बीच 34 पार्षदों ने निगम कमिश्नर द्वारा जारी नोटिस का जवाब दाखिल कर दिया है। पार्षदों ने इन पदों के गठन में देरी के लिए मेयर प्रवीण बत्रा जोशी और निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा को जिम्मेदार बताया है।

सोमवार को निगम आयुक्त को दिए गए जवाब में पार्षदों ने कहा कि 25 नवंबर को नगर निगम सदन की पहली बैठक बुलाई गई थी। बैठक के एजेंडे में सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर के चुनाव और फाइनेंस कमेटी के गठन की प्रक्रिया शामिल थी।

पार्षदों का आरोप है कि उस बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री समेत सभी पार्षद मौजूद थे, लेकिन मेयर और निगम कमिश्नर बैठक में नहीं पहुंचे। उनकी अनुपस्थिति के कारण चुनाव और कमेटी गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन पदों का गठन नहीं किया गया तो वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेंगे।

गौरतलब है कि नगर निगम में इन पदों के चुनाव और फाइनेंस कमेटी के गठन को लेकर पिछले कई महीनों से राजनीतिक खींचतान जारी है। इसके कारण निगम के कई प्रशासनिक और वित्तीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

इधर, हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने भी नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। सरकार ने 27 मई को जारी नोटिस में कहा था कि फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर निगम चुनाव 2 मार्च 2025 को हुए थे, जबकि मेयर और पार्षदों ने 25 मार्च 2025 को शपथ ली थी। इसके बावजूद 14 महीने बाद भी सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन नहीं हो सका है। सरकार ने इसे हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है।