Noida/Alive News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 21 महीने बाद भी सुपरटेक की परियोजनाओं में एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी) ने कार्य शुरू नहीं किया है। शनिवार को आक्रोशित खरीदारों ने सेक्टर -96 स्थित सुपरटेक के ई स्क्वायर जाकर प्रदर्शन। कार्य शुरू नहीं होने पर खरीदारों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि प्रोजेक्ट्स को एपेक्स कमेटी को सौंपे और एनबीसीसी को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) बनाए 21 महीने बीत चुके हैं, लेकिन एक ईंट लगाना तो दूर, टेंडर तक जारी नहीं किया गया।
हर महीने खरीदारों के पैसों से समिति के पारिश्रमिक, कंसल्टेंसी और एमिकस क्यूरी की फीस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। खरीदारों ने प्रदर्शन के दौरान पारदर्शिता का अभाव ओर एमिकस क्यूरी पर सवाल उठाए हैं।
तुरंत शुरू हो निर्माण, वरना आंदोलन तेज
16 परियोजनाओं में निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर एनबीसीसी, एपेक्स कमेटी और एमिकस क्यूरी जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। खरीदारों की स्पष्ट मांग है कि अदालत के आदेशों का पालन करते हुए तुरंत निर्माण शुरू हो और पजेशन व रजिस्ट्री की पारदर्शी समय-सीमा बताई जाए।
Noida/Alive News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 21 महीने बाद भी सुपरटेक की परियोजनाओं में एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी) ने कार्य शुरू नहीं किया है। शनिवार को आक्रोशित खरीदारों ने सेक्टर -96 स्थित सुपरटेक के ई स्क्वायर जाकर प्रदर्शन। कार्य शुरू नहीं होने पर खरीदारों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
शनिवार को सुपरटेक के खरीदार सेक्टर-96 स्थित ई स्क्वायर परियोजना कार्यालय के दफ्तर में प्रदर्शन किया। सुपरटेक के 16 अधूरी परियोजनाओं के निर्माण की जिम्मेदारी एनबीसीसी को मिली है। यहां कार्य शुरू नहीं हो सका है।
प्रदर्शन कर रहे खरीदारों ने निर्माण कार्य शुरू न होने पर संसद मार्च, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तथा सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की चेतावनी दी।
मई 2025 में निर्माण शुरू करने के दिए थो निर्देश
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि एनसीएलएटी (नेशनल कंपनी ला अपीलेट ट्रिब्यूनल) ने दिसंबर 2024 को सरकारी निर्माण एजेंसी एनबीसीसी को टेंडर प्रक्रिया पूरी कर मई 2025 से निर्माण शुरू करने का निर्देश दिया था।
एनबीसीसी के असफल रहने पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एनसीएलएटी ने मई 2026 को अंतिम समय सीमा जुलाई 2026 तय की, लेकिन यह डेडलाइन भी बीत गई और जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई।
नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि प्रोजेक्ट्स को एपेक्स कमेटी को सौंपे और एनबीसीसी को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) बनाए 21 महीने बीत चुके हैं, लेकिन एक ईंट लगाना तो दूर, टेंडर तक जारी नहीं किया गया।
हर महीने खरीदारों के पैसों से समिति के पारिश्रमिक, कंसल्टेंसी और एमिकस क्यूरी की फीस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। खरीदारों ने प्रदर्शन के दौरान पारदर्शिता का अभाव ओर एमिकस क्यूरी पर सवाल उठाए हैं।
तुरंत शुरू हो निर्माण, वरना आंदोलन तेज
16 परियोजनाओं में निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर एनबीसीसी, एपेक्स कमेटी और एमिकस क्यूरी जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। खरीदारों की स्पष्ट मांग है कि अदालत के आदेशों का पालन करते हुए तुरंत निर्माण शुरू हो और पजेशन व रजिस्ट्री की पारदर्शी समय-सीमा बताई जाए।

