September 15, 2026

खुले में शौच करने वालो से निगम पूछेगा कारण

फरीदाबाद 19  अप्रैल   :खुले में शौच करने वाले अलर्ट हो जाएं। मंगलवार सुबह 5 से लेकर रात 8 बजे तक नगर निगम कर्मचारी खुले में शौच करने वाले लोगों को तलाशेेंगे। जो पकड़ में आएंगे उनका नाम-पता नोट कर उनसे पूछा जाएगा कि वे खुले में शौच क्यों करते हैं। कुछ ऐसे ही आदेश केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से निगम के पास आए हैं। केंद्र सरकार का स्वच्छ भारत मिशन अभियान चला हुआ है। इसके अंतर्गत 100 फीसदी लोगों को खुले में शौच जाने से रोकना है। इस कारण अब नगर निगम अधिकारियों को इसकी चेकिंग के लिए मंगलवार को सुबह पांच बजे निकलना है। सोमवार को इस बारे में नगर निगम के एसई अनिल मेहता ने सफाई निरीक्षकों की मीटिंग ली। इसमें शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों पर जाने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी ऐसे स्थानों पर जाएंगे, जहां लोग खुले में शौच करते हैं। इसके बाद इसकी रिपोर्ट तैयार कर यह निचोड़ निकाला जाएगा कि समस्या का समाधान कैसे किया जाए।
नवंबर 2015 में हुआ था सर्वे
केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से स्वच्छ भारत मिशन अभियान चल रहा है। नवंबर 2015 में इसी अभियान के अंतर्गत फरीदाबाद शहर के सभी घरों में शौचालय बनाने के लिए सर्वे हुआ था। करीब 21 हजार लोगों के घरों में शौचालय न होने के बारे में पता लगा था। नगर निगम की तरफ से ऐसे लोगों से आवेदन मांगे गए थे। निगम के पास करीब 12 हजार लोगों के आवेदन आए। इनके घरों में शौचालय नहीं थे। शौचालय रहित घरों की सूची निगमाधिकारियों ने राज्य सरकार को भेज दी। अब कुछ दिन पहले नगर निगम के पास पहली किस्त के रूप में 7 करोड़ रुपए आ गए हैं। यह राशि 10 हजार घरों में शौचालय बनाने के लिए है।

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केंद्र व राज्य सरकार ने दिया पैसा
जिले में शौचालय बनाने के लिए आए 7 करोड़ रुपए केंद्र व राज्य सरकार ने मिलकर दिए हैं। एक शौचालय बनाने के लिए करीब 14 हजार रुपए की लागत आंकी गई है। इसमें से राज्य सरकार 10 हजार और बाकी 4 हजार केंद्र सरकार देगी। एक मकान मालिक को शौचालय बनाने के लिए 14 हजार रुपए दिए जाएंगे।
यहां खुले में जाते हैं शौच के लिए
स्लम एरिया के आसपास, सार्वजनिक शौचालय, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, वैध कॉलोनी- अवैध कॉलोनी, खाली प्लॉट या मैदान में, – घरों के सामने खाली जगह पर।