September 16, 2026

यज्ञ को शास्त्रों में सर्वश्रेष्ठ कर्म कहा गया है : सुरेश शास्त्री

Faridabad/Alive News: यज्ञ को शास्त्रों में सर्वश्रेष्ठ कर्म कहा गया है। यज्ञ के द्वारा मनुष्य को मानसिक, आध्यात्मिक एवं शारीरिक संतुष्टी व प्रसन्नता की अनुभूति होती है। इसलिए यज्ञ हमेशा करना चाहिए। यह बात पंडित सुरेश शास्त्री (धर्माचार्य ) एवं यादवेंद्र शास्त्री ने आर्य समाज सैक्टर-19 के चल रहे सात दिवसीय 68वें वार्षिकोत्सव पर महेश चंद आर्य, अशोक गर्ग, डा. ओमप्रकाश वधवा एवं अशोक आर्य द्वारा आयोजित ओल्ड फरीदाबाद अनाज मंडी में 21 कुंडिय महायज्ञ में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। 
सुरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यज्ञ एक विशिष्ट वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा मनुष्य अपने जीवन को सफल बना सकता है। यज्ञ के जरिये आध्यात्मिक संपदा की भी प्राप्ति होती है। यज्ञ एक अत्यंत ही प्राचीन पद्धति है, जिसे देश के सिद्ध-साधक संतों और ऋषि-मुनियों ने समय-समय पर लोक कल्याण के लिए करवाया।  यादवेंद्र शास्त्री ने कहा कि यज्ञ मानव जीवन को सफल बनाने के लिए एक आधारशिला है। यज्ञ के द्वारा वातावरण को शुद्ध किया जा सकता है। यज्ञ करने वाले आपसी प्रेम और भाईचारे की सुवास हर दिशा में फैलाते हैं। इस अवसर पर शहर के अनेक लोगों ने 21 कुडिय यज्ञ में आहूति डालकर धर्म लाभ कमाया।