September 11, 2026

शी जिनपिंग के भारत दौरे पर चीन की चुप्पी क्यों? BRICS समिट से पहले उठे सवाल, क्या बदला भारत का रुख

BRICS समिट से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे पर चर्चा

New Delhi/Alive News: नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। सम्मेलन में सिर्फ दो दिन शेष रहने के बावजूद चीन ने बुधवार शाम तक शी जिनपिंग की यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से भी उनके दौरे को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

इस चुप्पी के कारण राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में कई सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर इसलिए क्योंकि भारत में आयोजित 2023 के G20 सम्मेलन में शी जिनपिंग के शामिल नहीं होने की जानकारी चीन ने करीब एक सप्ताह पहले ही दे दी थी।

थिंक टैंक ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन की सीनियर फेलो तन्वी मदान ने भी चीन की ओर से पुष्टि में देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चीन ने किर्गिस्तान में आयोजित SCO सम्मेलन के लिए शी जिनपिंग की यात्रा की घोषणा उनके रवाना होने से करीब चार दिन पहले कर दी थी। ऐसे में यह सवाल है कि क्या इस बार चीन किसी प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है या भारत की ओर से पहले घोषणा किए जाने का इंतजार कर रहा है।

रक्षा विश्लेषक प्रवीण साहनी ने भी चीन के इस रुख को असामान्य बताया है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि शी जिनपिंग सम्मेलन में शामिल नहीं होते हैं तो उनकी जगह चीन के प्रधानमंत्री ली चियांग प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं।

हालांकि, चीन मामलों के विशेषज्ञ और लेखक अनंत कृष्णन इसे बहुत असामान्य नहीं मानते। उनका कहना है कि चीन कई बार किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति की यात्रा की घोषणा रवाना होने से एक-दो दिन पहले भी करता है। उनके अनुसार, यदि यह कोई बड़ा द्विपक्षीय राजकीय दौरा होता तो इसकी जानकारी तीन या चार दिन पहले दिए जाने की संभावना अधिक होती।

सात साल बाद हो सकती है भारत यात्रा

यदि शी जिनपिंग BRICS सम्मेलन में शामिल होने नई दिल्ली आते हैं, तो यह करीब सात साल में उनकी पहली भारत यात्रा होगी। भारत और चीन के संबंध जून 2020 में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुई हिंसक झड़प के बाद काफी तनावपूर्ण हो गए थे।

उस घटना में भारतीय और चीनी सैनिकों की मौत हुई थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य स्तर पर संबंधों में तनाव बढ़ गया। हालांकि पिछले कुछ समय में दोनों देश संबंधों को स्थिर करने और सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या बदला है भारत का रुख?

शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा को लेकर एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या दोनों देशों के बीच किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर पर्दे के पीछे बातचीत हुई है। भारत और चीन के रिश्तों में सीमा विवाद, व्यापार असंतुलन और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसे कई बड़े मुद्दे लंबे समय से मौजूद हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के पास संबंधों को स्थिर करने की वजहें हैं। अमेरिका की विदेश नीति में अनिश्चितता, वैश्विक व्यापार और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों ने भारत और चीन दोनों को अपने हितों के आधार पर नए विकल्पों पर विचार करने के लिए मजबूर किया है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नई दिल्ली आएंगे। चीन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।