August 24, 2026

35 साल पुराने वंधामा नरसंहार की फिर होगी जांच: 23 कश्मीरी पंडितों की हुई थी हत्या, टपलू और जस्टिस गंजू केस भी खुलेंगे

वंधामा नरसंहार में मारे गए कश्मीरी पंडितों की याद में श्रद्धांजलि

New Delhi/Alive News: जम्मू-कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 1998 के वंधामा नरसंहार की जांच दोबारा शुरू कर दी है। इस हत्याकांड में 23 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी गई थी। इनमें 9 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल थे।

सूत्रों के मुताबिक, SIA ने मामले से जुड़े सबूत जुटाने के लिए कश्मीर घाटी में कई जगहों पर तलाशी ली है। एजेंसी का फोकस हमले में शामिल आतंकियों और उनके मददगारों की पहचान करने पर है।

SIA कश्मीरी पंडितों की हत्या से जुड़े कुछ दूसरे पुराने मामलों की भी दोबारा जांच कर रही है। इनमें कश्मीरी पंडित नेता टीका लाल टपलू और जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व जज नीलकंठ गंजू की हत्या के मामले शामिल हैं।

वंधामा नरसंहार: 23 लोगों की हत्या

25 जनवरी 1998 की रात गांदरबल के वंधामा गांव में हथियारबंद आतंकियों ने कश्मीरी पंडित परिवारों के घरों में घुसकर 23 लोगों की हत्या कर दी थी। मृतकों में 9 महिलाएं और 4 बच्चे थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, आतंकियों ने परिवार के लोगों को एक जगह इकट्ठा किया और उन पर गोलियां चला दीं। यह हमला गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले हुआ था। मामले में लंबे समय तक किसी आरोपी को सजा नहीं मिल सकी।

टीका लाल टपलू की हत्या

13 सितंबर 1989 को श्रीनगर में कश्मीरी पंडित नेता और वकील टीका लाल टपलू की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वह जम्मू-कश्मीर BJP के उपाध्यक्ष थे।

टपलू घाटी में कश्मीरी पंडितों के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल थे। उनकी हत्या को कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाए जाने की प्रमुख घटनाओं में गिना जाता है।

जस्टिस नीलकंठ गंजू की हत्या

4 नवंबर 1989 को श्रीनगर के हरि सिंह स्ट्रीट इलाके में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व जज नीलकंठ गंजू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

गंजू ने JKLF के आतंकी मकबूल भट को मौत की सजा सुनाई थी। मकबूल भट को 11 फरवरी 1984 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। गंजू की हत्या में JKLF की भूमिका का उल्लेख रिकॉर्ड में मिलता है। अब SIA पुराने मामले में नए सुरागों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

सरला भट और प्रेमी हत्याकांड भी जांच के दायरे में

SIA कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की 1990 में हुई हत्या की जांच भी दोबारा कर चुकी है। जून में एजेंसी ने इस मामले में 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें जेल में बंद JKLF प्रमुख यासीन मलिक को मास्टरमाइंड बताया गया है। यासीन मलिक फिलहाल तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

इसके अलावा कश्मीरी पंडित लेखक सर्वानंद कौल प्रेमी और उनके बेटे वीरेंद्र कौल की हत्या से जुड़े मामले में भी SIA ने तलाशी और जांच की कार्रवाई की है।

1990 में हथियारबंद आतंकियों ने अनंतनाग के सोफ शाली स्थित घर से सर्वानंद कौल प्रेमी और उनके बेटे वीरेंद्र का अपहरण कर लिया था। 1 मई 1990 को दोनों के शव पेड़ से लटके मिले थे।