International/Alive News: अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करना महंगा हो सकता है। ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों के लिए Optional Practical Training (OPT) से जुड़ी फीस बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इसमें करीब 1 लाख डॉलर की फीस का विकल्प शामिल है। हालांकि, यह फीस अभी लागू नहीं हुई है और प्रस्ताव की अंतिम शर्तें भी सामने नहीं आई हैं।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने OPT फीस से जुड़ा प्रस्ताव 20 अगस्त को व्हाइट हाउस के Office of Information and Regulatory Affairs (OIRA) को भेजा था। OIRA ने 11 सितंबर को इसकी समीक्षा पूरी कर ली। अब प्रस्ताव के अगले चरण में इसे सार्वजनिक किया जा सकता है, जिसके बाद लोगों और संस्थानों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
क्या है OPT?
OPT अमेरिका में F-1 वीजा पर पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने क्षेत्र में अस्थायी रूप से काम करने का मौका देता है। सामान्य तौर पर ग्रेजुएशन के बाद छात्रों को 12 महीने तक काम करने की अनुमति मिल सकती है। STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स से जुड़े छात्रों को अतिरिक्त 24 महीने की अवधि मिल सकती है।
OPT कई विदेशी छात्रों के लिए अमेरिकी डिग्री पूरी करने के बाद काम का अनुभव हासिल करने और आगे H-1B जैसे रोजगार वीजा के रास्ते पर जाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
1 लाख डॉलर की फीस अभी अंतिम नहीं
रिपोर्टों में करीब 1 लाख डॉलर की फीस का उल्लेख किया गया है, लेकिन सरकारी समीक्षा के बाद भी प्रस्ताव की अंतिम फीस और इसके भुगतान की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं है। यानी यह कहना अभी सही नहीं होगा कि हर छात्र को निश्चित तौर पर 1 लाख डॉलर यानी करीब 96 लाख रुपये देने होंगे।
प्रस्ताव के सार्वजनिक होने के बाद ही यह साफ होगा कि फीस कितनी होगी, किन छात्रों पर लागू होगी और इसका भुगतान छात्र, विश्वविद्यालय या नियोक्ता में से किसे करना होगा।
भारतीय छात्रों पर क्यों पड़ सकता है असर?
अमेरिका में भारतीय छात्र बड़ी संख्या में पढ़ाई करते हैं। 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में करीब 3.63 लाख भारतीय छात्र पढ़ रहे थे, जिससे भारत विदेशी छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है।
OPT के जरिए पिछले साल करीब 3 लाख F-1 छात्र रोजगार की अनुमति का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे में फीस में बड़ी बढ़ोतरी होने पर अमेरिकी डिग्री के बाद नौकरी की योजना बना रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के खर्च पर असर पड़ सकता है।
पहले से ही महंगी है अमेरिका में पढ़ाई
अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों को पहले से ही ट्यूशन फीस, रहने, खाने, स्वास्थ्य बीमा और दूसरे खर्चों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में OPT से जुड़ी अतिरिक्त फीस उनके कुल खर्च को और बढ़ा सकती है।
फीस बढ़ने की स्थिति में कुछ छात्र अमेरिका के बजाय दूसरे देशों में पढ़ाई और पढ़ाई के बाद काम करने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक असर प्रस्ताव की अंतिम शर्तें सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
वीजा नियमों को लेकर भी बदलाव
अमेरिका में विदेशी छात्रों से जुड़े वीजा नियमों में भी हाल के दिनों में बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। सितंबर 2026 में एक अमेरिकी संघीय अदालत ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वीजा की अवधि को निश्चित समय तक सीमित करने वाले ट्रंप प्रशासन के नियम को अस्थायी रूप से रोक दिया। इसका मतलब है कि विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई और उसके बाद काम करने से जुड़े नियम इस समय लगातार बदलाव के दौर में हैं।
छात्रों को अभी क्या जानना चाहिए?
फिलहाल मौजूदा OPT व्यवस्था जारी है और केवल व्हाइट हाउस की समीक्षा पूरी होने से नई फीस लागू नहीं हो जाती। प्रस्ताव के औपचारिक रूप से प्रकाशित होने के बाद ही फीस, दायरा और अन्य नियम स्पष्ट होंगे। इसके बाद सार्वजनिक सुझाव और आपत्तियों की प्रक्रिया भी होगी।

