September 14, 2026

UK के टूटने की चर्चा तेज, स्कॉटलैंड-वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के नेता आज करेंगे बैठक

Scotland Wales and Northern Ireland leaders meeting over UK future

International/Alive News: ब्रिटेन के एकजुट रहने को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के नेता सोमवार को वेल्स की राजधानी कार्डिफ में बैठक करेंगे। तीनों क्षेत्रों की मांग अलग-अलग है, लेकिन सभी मौजूदा UK व्यवस्था में बड़े बदलाव और ज्यादा अधिकार चाहते हैं।

बैठक के बाद तीनों फर्स्ट मिनिस्टर साझा बयान जारी कर सकते हैं। इसमें लोगों को अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला खुद करने का अधिकार देने और जरूरत पड़ने पर आजादी या UK से अलग होने के मुद्दे पर जनमत संग्रह की मांग शामिल हो सकती है।

स्कॉटलैंड में आजादी की मांग सबसे मजबूत

स्कॉटलैंड की सत्ताधारी SNP लंबे समय से UK से अलग होकर स्वतंत्र देश बनाने की मांग कर रही है। 2014 में आजादी को लेकर जनमत संग्रह हुआ था, जिसमें 55% लोगों ने UK के साथ रहने और 45% ने आजादी के पक्ष में वोट दिया था।

2016 के Brexit के बाद स्कॉटलैंड में स्वतंत्रता की मांग फिर तेज हुई। स्कॉटलैंड के अधिकांश लोगों ने EU में बने रहने के पक्ष में मतदान किया था, जबकि पूरे UK ने EU छोड़ने का फैसला किया।

वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड भी ज्यादा अधिकार चाहते हैं

वेल्स की राष्ट्रवादी पार्टी Plaid Cymru ज्यादा अधिकारों के साथ भविष्य में स्वतंत्र देश की मांग करती रही है। वहीं नॉर्दर्न आयरलैंड की सत्ताधारी Sinn Féin आयरलैंड के साथ एकीकरण के पक्ष में है।

नॉर्दर्न आयरलैंड का मामला स्कॉटलैंड और वेल्स से अलग है। 1998 के Good Friday Agreement के तहत अगर यह स्पष्ट हो कि बहुमत UK से अलग होकर आयरलैंड के साथ जुड़ना चाहता है, तो जनमत संग्रह कराया जा सकता है।

ट्रंप के बयान से भी बढ़ी चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में आयरलैंड के एकीकरण को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की थी। उनके बयान के बाद नॉर्दर्न आयरलैंड के भविष्य और आयरलैंड के साथ एकीकरण की बहस फिर तेज हो गई।

मामला सिर्फ आजादी का नहीं

तीनों क्षेत्रों की राजनीति में सिर्फ स्वतंत्रता ही मुद्दा नहीं है। यूरोपीय संघ (EU) से संबंध भी अहम हैं। स्कॉटलैंड या वेल्स भविष्य में स्वतंत्र होते हैं तो वे EU की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं नॉर्दर्न आयरलैंड अगर आयरलैंड के साथ जुड़ता है, तो वह EU का हिस्सा बन जाएगा।

कार्डिफ की बैठक ऐसे समय हो रही है, जब तीनों क्षेत्रों के नेता UK की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर एक साथ आवाज उठा रहे हैं। इससे ब्रिटेन की एकता और भविष्य की संवैधानिक व्यवस्था को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।