Faridabad/Alive News: अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग और नगर निगम की टीम पर अनंगपुर के लोगों ने पत्थरबाजी की। अचानक शुरू हुई पत्थरबाजी के कारण टीम इधर उधर भागने लगी। थोड़ी देर बाद अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाई गई। डंडे से ग्रामीणों को खदेड़ा गया। विरोध और पत्थरबाजी के बाद भी कार्रवाई नहीं रुकी। एक मकान का कुछ हिस्सा तोड़ा गया।
मंगलवार सुबह अनंगपुर में अवैध निर्माणों को हटाने के लिए टीम पहुंची। सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग पहुंच गए। लोगों ने अनंगपुर चौक पर बैरिकेडिंग करके रास्ता रोक दिया। महिलाएं गांव के प्रवेश द्वार पर बैठकर विरोध जताने लगीं। कुछ महिलाएं रो पड़ी। ग्रामीणों ने गांव को लाल डोरा में शामिल करने की मांग की है। ग्रामीण जिला उपायुक्त विक्रम सिंह और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से गांव को टूटने से बचाने के लिए गुहार लगा चुके हैैं। मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि मकान नहीं टूटेंगे। मंगलवार सुबह जब वन विभाग की टीम अनंगपुर गांव की ओर से बढ़ी तो लोगों ने एकत्रित होकर रास्ता रोक दिया। सरकार और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्रवाई शुरू होते ही कुछ लोगों ने पत्थरबाजी कर दी।
सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार ने बताया कि हमले में पांच जेसीबी के शीशे टूटे हैं। जबकि दो चालकों और अन्य पुलिसकर्मियों को चोट आई है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होगी। बता दें कि वन विभाग और निगम की टीम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई कर रही है। अभी तक 80 से अधिक बैंक्वेट हाल, मैरिज गार्डन, फार्म हाउस सहित अन्य निर्माण को ढहाया गया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

विजय प्रताप मौके पर पहुंचे, कांग्रेस नेता ने लोगों का साथ देने का दिया आश्वासन: सूचना मिलते ही प्रदर्शन स्थल पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय प्रताप पहुंचे। उन्होंने लोगों से कहा कि सरकार अनैतिक और गैर कानूनी तरीके से तोड़फोड़ की कार्रवाई कर रही है। सरकार और अधिकारी सुुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। सरकार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कैबिनेट की मीटिंग बुलानी चाहिए। सरकार को नीति बनाने की आवश्यकता है, जिससे गांव के बीस हजार लोगों के मकान बच जाएंगे। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को लोगों के साथ खड़े रहना चाहिए। गांव को टूटने से बचाने के लिए जरुरत पड़ने पर महापंचायत को जाएगी।

