Faridabad/Alive News: दिल्ली – मुंबई एक्सप्रेसवे और ग्रेटर फरीदाबाद की सीधी व सुगम कनेक्टविटी के लिए आगरा – गुरुग्राम नहर पर बने कई पुलों की सड़कें बेहाल हो गई हैं। ऊपर की परत गायब होती जा रही हैं। पांच साल से यही हाल है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सो रहे हैं। पुलों की सड़का सिचाई विभाग के अंदर आती हैं। विभागीय अधिकारी पुलों का निरिक्षण भी नही करते कि किस हाल में है। इस वजह से प्रतिदिन पांच लाख से अधिक चालक परेशान रहते हैं। बता दें दोनों नहरों पर साहुपुरा से लेकर पल्ला तक 12 पुल बने हुए हैं।
क्या कहना है आम लोगों का
पुरा ग्रेटर फरीदाबाद सहित आसपास के 50 गांव के लोग इन पुलों का ही प्रयोग करते है। लेकिन कोई भी विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
- सुरेंद्र सिंह, ग्रेटर फरीदाबाद
क्या कहना है प्रधान, पुरी, प्रणायाम का
इस समस्या के लिए सबसे पहले विभाग की जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी। तालमेल के अभाव की वजाह से सड़क की मरम्मत नहीं पो रही है।
- योगेश मान, प्रधान, पुरी, प्रणायाम
क्या कहना है कार्यकारी अभियंता, सिचाई विभाग का
जिले पुलों की सड़क की टूटी है, उनका निरीक्षण कराया जाएगा। मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनवाएंगे।
- गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, सिचाई विभाग

