September 11, 2026

आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या सेक्टर वासियों के लिए बनी चिंता का विषय, डर से मैड, प्लंबर और डिलीवरी बाॅय ने आना किया बंद

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Faridabad/Alive News: लगातार आवारा कुत्तों की संख्या में होती बढ़ोतरी सेक्टर-8 के लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (हॉस्पिटल ब्लॉक) सेक्टर-8 की गलियों में घूम रहे आवारा कुत्ते आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। यहां तक की आवारा कुत्तों के डर से घरों में काम करने आने वाली मैड, प्लंबर, कारपेन्टर और डिलीवरी बाॅय ने सेक्टर में आना बंद कर दिया है। इस से सेक्टर वासियों की रोजमर्रा की समस्या भी बढ़ गई है। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का कहना है कि नगर निगम अधिकारियों को कई बार शिकायत देने के बाद भी आवारा कुत्तों की समस्या का कोई समाधान नही हुआ।

क्या कहना है सेक्टर वासियों का

आरडब्ल्यूए (हॉस्पिटल ब्लॉक) सेक्टर-8 के जनरल सेक्रेटरी मुकेश वशिष्ठ का कहना है कि उनके सेक्टर में आवारा कुत्तों के काटने की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। सड़कों से लेकर सेक्टर की गलियों में आवारा कुत्ते आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, सेक्टर वासियों का भी अपने घरों से निकलना भी दुश्वार हो गया है और कुत्तों का प्रजनन लगातार हो रहा। इस से सेक्टर में कुत्ते लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घरों में काम करने वाली मैड और डिलीवरी बॉय को अक्सर कुत्तो का शिकार होते देखा जा रहा है।इन कुत्तों का खौफ सेक्टर वासियों में इतना बढ़ गया है कि लोग रात ही नही दिन में भी घर से पैदल निकलने में घबराते है, लोग कुत्तों के डर से अपना रास्ता भी बदल लेते हैं। कुत्तों के आतंक से स्कूल जाने वाले बच्चें सबसे अधिक पीड़ित है। उन्होंने बताया कि नगर निगम अधिकारियों को लगातार शिकायत देते आ रहे हैं न तो आवारा कुत्तों को पकड़ा जा रहा है और न ही उनकी नश बंदी की जा रही है।

क्या कहना है नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग अधिकारी का

उनकी तरफ से आवारा कुत्तों की समय पर नश बंदी की जा रही है। उनके पास सेक्टर की ओर से शिकायत मिलती है तो समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।

-ओ.पी. कर्दम, स्वास्थ्य अधिकारी- नगर निगम फरीदाबाद।