September 6, 2026

निपुण के पांच साल बाद शिक्षकों की री-स्किलिंग, 14 सितंबर से छह दिन चलेगी ट्रेनिंग

Faridabad/Alive News: निपुण अभियान के पांच साल पूरे होने के साथ अब शिक्षा विभाग का फोकस सिर्फ बच्चों के लर्निंग लेवल पर नहीं, बल्कि उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी है। प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई को और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों का छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 14 सितंबर से होगी। प्रशिक्षण में शिक्षकों को बच्चों की जरूरत और सीखने के स्तर के अनुसार पढ़ाने के नए और आसान तरीके बताए जाएंगे।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराने के बजाय बच्चों को गतिविधियों के जरिए समझाने, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान करने और उनके स्तर के अनुसार शिक्षण गतिविधियां कराने पर जोर दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य है कि क्लास में हर बच्चे की भागीदारी बढ़े और वह पढ़ाई को रटने के बजाय समझकर सीखे।

बुनियादी पढ़ाई पर सबसे ज्यादा जोर

निपुण अभियान के तहत प्राथमिक स्तर पर बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में इन्हीं तीनों क्षेत्रों में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए शिक्षकों को प्रभावी गतिविधियां और शिक्षण तकनीक सिखाई जाएंगी। विभाग का मानना है कि बच्चे की शुरुआती कक्षाओं में नींव मजबूत होगी तो आगे की पढ़ाई में उसे कम परेशानी होगी। अभियान के पांच साल के अनुभव के बाद विभाग अब शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को निपुण के अगले चरण की अहम कड़ी मान रहा है। छह दिन की ट्रेनिंग के जरिए शिक्षकों को क्लास की बदलती जरूरतों के मुताबिक तैयार करने की कोशिश की जाएगी।