Faridabad/Alive News: जिला नगर योजनाकार (इंफोर्समेंट) प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा के किसी भी शहर में कॉलोनी विकसित करने से पूर्व निदेशक, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग, हरियाणा, चंडीगढ़ से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है। विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ भू-मालिक, प्रॉपर्टी डीलर एवं अन्य व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम से बिना सरकारी अनुमति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं तथा लोगों को गुमराह कर प्लॉट बेचने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ अभियान चलाया जा रहा है तथा संबंधित भू-मालिकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जा रही हैं। भविष्य में भी नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला नगर योजनाकार प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनियों का प्रचार-प्रसार एवं विज्ञापन करना भी शहरी क्षेत्र अधिनियम, 1975 का उल्लंघन है, जिसके तहत तीन वर्ष तक के कारावास एवं जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार के बहकावे में आकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट या संपत्ति की खरीद न करें और न ही किसी प्रकार का निर्माण कार्य करवाएं, क्योंकि विभाग द्वारा ऐसे अवैध निर्माणों को रजिस्ट्री अथवा एग्रीमेंट होने के बावजूद भी नियमानुसार ध्वस्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के विकास, प्रचार-प्रसार एवं विज्ञापन में संलिप्त भू-मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों एवं अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध शहरी क्षेत्र अधिनियम, 1975 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज करवाना भी शामिल है।

