Faridabad/Alive News: लोगों को सदाचार, सद्व्यवहार और भेदभाव रहित जीवन जीने की सीख देने के उद्देश्य से सतयुग दर्शन ट्रस्ट देशभर में समभाव-समदृष्टि के पांच नए स्कूल शुरू करने जा रहा है। इन केंद्रों का संचालन निशुल्क किया जाएगा। ट्रस्ट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन स्कूलों की शुरुआत नवंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच होगी। इसका उद्देश्य लोगों को जीवन में संतुलन, धैर्य, विवेक और आपसी सद्भाव जैसे मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
ट्रस्ट के प्रवक्ता के अनुसार, पंचकूला में 29 नवंबर 2026 और अंबाला में 30 नवंबर 2026 को नए केंद्रों का उद्घाटन होगा। इसके बाद 20 दिसंबर 2026 को मुरादाबाद, 6 मार्च 2027 को लुधियाना और 7 मार्च 2027 को जालंधर में स्कूल शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को सुख-दुख और मान-अपमान जैसी परिस्थितियों में संतुलित रहने तथा सभी के साथ समान व्यवहार करने की सीख दी जाएगी।
दो श्रेणियों में मिला सम्मान
ट्रस्ट को कुरुक्षेत्र के ब्रह्म सरोवर में आयोजित हरियाणा विजन 2047 कार्यक्रम के दौरान दो पुरस्कार भी मिले। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ट्रस्ट के ध्यान कक्ष को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल पुरस्कार और सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र को संगीत एवं प्रदर्शन कलाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।
संगीत कला केंद्र की चेयरपर्सन अनुपमा तलवार के अनुसार, संस्था की देशभर में 22 शाखाएं संचालित हैं। यहां शास्त्रीय संगीत सहित विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। संस्था के विद्यार्थियों ने बाली, दुबई, कुवैत और श्रीलंका में भी प्रस्तुतियां दी हैं।
ट्रस्ट का कहना है कि नए केंद्रों के माध्यम से लोगों को नैतिक मूल्यों, आत्मचिंतन और परोपकार के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

