-सेंटरों में तैनात कर्मचारियों को दो माह से नहीं मिला वेतन
-एलएनजेपी का वन स्टाप सेंटर बना उदहारण, मौजूद है सभी सुविधाएं
New Delhi/Alive News : महिलाओं को राहत, सुरक्षा और न्याय एक ही छत के नीचे देने के उद्देश्य से शुरू हुई ‘सखी वन स्टाप सेंटर’ योजना आज खुद संकट में घिरी है। तिहाड़ परिसर और तीस हजारी कोर्ट परिसर में बना सखी वन स्टाप सेंटर्स की हालत बहुत दयनीय है। इस कारण यहां मदद के लिए आने वाली पीड़ित महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। जबकि एलएनजेपी में बना वन स्टाप सेंटर एक सकारात्मक उदाहरण है।
सहारा कहां, जब सिस्टम ही किराए पर
दिल्ली के विभिन्न जिलों में बने वन स्टाप सेंटर खुद राहत की गुहार लगा रहे हैं। तिहाड़ परिसर में बना सेंटर चार कमरों में सिमटा है। यहां बना प्रतीक्षालय बरसता में पानी से लबालब भर जाता है। आस पास जंगल होने के कारण बिजली की समस्या और सांप-बिच्छू जैसी परेशानियां यहां आम हैं। यहां बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां तक जर्जर है। दूसरा यहां जिन कर्मचारियों से कुछ उम्मीद है उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला है। यहां जरूरी दस्तावेज खुले में टेबल पर रखे जाते हैं। यहां कांउसलर तक उपलब्ध नहीं है। यहां के कर्मचारी ही महिलाओं की काउंसलिंग करते है। सुरक्षा के नाम पर लगे सीसीटीवी कैमरे सिर्फ दीवारों की सजावट बनकर रह गए हैं। क्योंकि रिकार्डिंग ही नहीं होती। तिहाड़ वन स्टाप सेंटर में लगा कूलर और पानी ठंडा करने की मशीन भी किराए पर लेकर कर्मचारी चला रहे है।
वहीं, तीस हजारी कोर्ट परिसर में बना वन स्टाप सेंटर और कामकाज के बारे में यहां के वकील तक अनजान है। यहां वन स्टाप सेंटर की जानकारी देने के लिए दिशा- निर्देश बोर्ड भी नहीं लगा है। दूसरा यहां का हेल्पलाइन नंबर भी बंद पड़ा है। यहां आने वाली पीड़िता को एलएनजेपी वन स्टाप सेंटर में रेफर किया जाता है। कर्मचारियों की यहां पर कमी है। इस सेंटर को 24 घंटे चलाने के लिए यहां स्टाफ को कोई आवासीय भवन नहीं मिला है। जबकि वन स्टाप सेंटर के नियमों के मुताबिक प्रत्येक सेंटर में आवासीय भवन का होना अनिवार्य है।
सेंट्रल दिल्ली स्थित एलएनजेपी का वन स्टाप सेंटर बना उदहारण
जहां राजधानी दिल्ली के अधिकतर वन स्टाप सेंटर्स जर्जर भवन, स्टाफ की कमी और अव्यवस्था के चलते सवालों के घेरे में हैं। वहीं, लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल परिसर में बना वन स्टाप सेंटर एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में सामने आया है। यह सेंटर न केवल पूरी तरह से साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित है बल्कि यहां एयर कंडीशन युक्त कमरे, ओन- साइट स्टाफ हाउसिंग और समर्पित वाहन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। एलएनजेपी वन स्टाप सेंटर दिल्ली में महिला सुरक्षा और पुनर्वास की दिशा में उम्मीद की एक मजबूत किरण बनकर उभरा है।
क्या कहना है एसडीएम का
वहीं, इस संबंध में पश्चिमी दिल्ली की एसडीएम इति अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने हाल ही में सेंटर का निरीक्षण किया है। वहां के स्टाफ की मीटिंग भी ली है। उनके क्षेत्र के सखी सेंटर में ज्यादातर सुविधाएं उपलब्ध हैं और कमियों को दूर करने के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है। लेकिन जब डीएम वंदना राव से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

