Faridabad/Alive News: दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके के मामले में दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने जांच एजेंसी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत के इस कदम के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
विशेष जज प्रशांत शर्मा ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। अदालत ने NIA को निर्देश दिया है कि वह आरोपियों को चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराए।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े आरोपियों के नाम
जांच के दौरान फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम भी सामने आया। NIA के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल डॉ. उमर उन नबी यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर था। इसके अलावा डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. शाहीन सईद और डॉ. आदिल अहमद राथर का भी यूनिवर्सिटी के मेडिकल संस्थान से संबंध रहा है।
जांच एजेंसी ने यूनिवर्सिटी से जुड़े कई कर्मचारियों से पूछताछ भी की थी। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई के बाद ही होगा।
10 नवंबर 2025 को हुआ था धमाका
यह मामला 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके से जुड़ा है। NIA के अनुसार, एक कार में लगाए गए विस्फोटक उपकरण में जोरदार धमाका हुआ था। इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। धमाके से आसपास खड़े वाहनों और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था।
जांच एजेंसी ने इस घटना को वाहन में लगाए गए विस्फोटक उपकरण से किया गया धमाका बताया है।
मई में दाखिल हुई थी पहली चार्जशीट
NIA ने 14 मई 2026 को इस मामले में करीब 7,500 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल की थी। उस समय 10 आरोपियों को नामजद किया गया था। एजेंसी के मुताबिक, चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से अधिक जब्त सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया था।
इसके बाद 27 जून 2026 को NIA ने तीन और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसके साथ चार्जशीट में नामजद आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। इनमें एक आरोपी फरार बताया गया है। NIA के अनुसार, मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी की धमाके में मौत हो चुकी है।
NIA ने आतंकी साजिश का लगाया आरोप
NIA का आरोप है कि लाल किला ब्लास्ट एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था। जांच एजेंसी ने आरोपियों के संबंध अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) से होने का दावा किया है।
एजेंसी के मुताबिक, जांच में कट्टरपंथ, लोगों की भर्ती, हथियार जुटाने और विस्फोटक तैयार करने समेत कई पहलुओं की जांच की गई। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं और अभी अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।
मुख्य आरोपी की धमाके में हुई मौत
NIA ने डॉ. उमर उन नबी को मामले का मुख्य आरोपी बताया है। एजेंसी के अनुसार, धमाके के दौरान उसकी मौत हो गई थी। चार्जशीट में आमिर राशिद मीर, जसिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार समेत अन्य आरोपियों के नाम शामिल हैं। कुछ आरोपियों को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।
अब आगे क्या होगा?
चार्जशीट पर अदालत के संज्ञान लेने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 9 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में आरोपियों को चार्जशीट और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने समेत आगे की कार्रवाई पर सुनवाई होगी।
अदालत द्वारा चार्जशीट पर संज्ञान लेने का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। आरोपों की पुष्टि या उन्हें खारिज करने का फैसला मामले की आगे होने वाली न्यायिक प्रक्रिया और सुनवाई के बाद होगा।

