Hisar/Alive News: हरियाणा के हिसार स्थित सतलोक आश्रम मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को करीब 11 साल 4 महीने बाद जेल से रिहा कर दिया गया। वह शुक्रवार को हिसार की सेंट्रल जेल-2 से बाहर आया। रिहाई के बाद वह सफेद पर्दों वाली फॉर्च्यूनर गाड़ी में बैठकर मुस्कुराते हुए नजर आया।
रामपाल सीधे सोनीपत जिले के गोहाना स्थित अपने धनाना आश्रम के लिए रवाना हुआ। उसके काफिले में करीब 20 गाड़ियां शामिल थीं। सुरक्षा के मद्देनजर जेल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। रिहाई के समय उसकी कुछ महिला समर्थक भी जेल के बाहर पहुंचीं और उन्होंने दंडवत प्रणाम किया।
जेल प्रशासन के अनुसार, रिहाई से पहले सभी कानूनी दस्तावेजों की जांच की गई और हाईकोर्ट की शर्तें पढ़कर सुनाई गईं। 8 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल को जमानत दी थी। इसके बाद उसके वकीलों ने हत्या के दो मामलों में 5-5 लाख रुपये के बेल बॉन्ड जमा कराए।
यह मामला साल 2014 का है, जब पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करने हिसार के बरवाला स्थित आश्रम पहुंची थी। उस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच टकराव हुआ, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद रामपाल को गिरफ्तार किया गया और 2018 में कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
जमानत की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि रामपाल पर गंभीर आरोप हैं। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि रामपाल लंबे समय से जेल में है, उसकी उम्र करीब 78 साल है और केस की सुनवाई बहुत धीमी चल रही है।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि रामपाल काफी समय से जेल में है और ट्रायल पूरा होने में अभी समय लगेगा। साथ ही, अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इन आधारों पर कोर्ट ने उसे जमानत दे दी।
हालांकि, कोर्ट ने जमानत के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। रामपाल किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा नहीं करेगा और न ही किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होगा। अगर वह इन शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसकी जमानत रद्द की जा सकती है।

