March 8, 2026

वर्षा ने प्रभावित किया बेल की सब्जी का उत्पादन, बढ़ गए दाम

Faridabad/Alive News : वर्षा का माैसम शुरु हाे गया है। अब राेजाना जिले में की कहीं न कहीं पर वर्षा रही है। खेताें में जलभराव हाेने के कारण बेल वाली सब्जी खराब हाे रही है। और इससे उत्पादन प्रभावित हाे रहा है। उत्पादन में कमी का सीधा असर सब्जियाें के दाम पर पड़ रहा है। सब्जियाें के दाम 10 से 20 रुपये प्रति किलाेग्राम बढ़ गए है। इसका सीधा असर पेड़ पर लगने वाली सब्जियाें पर भी पड़ा है। क्याेंकि उनकी मागं अधिक हाे गई ताे फिर उनके दाम भी बढ़ गए।

पिछले दिनाें यमुना का जलस्तर बढ़ जाने के कारण तल में बाेई गई बेल की सब्जियां बह गई थी। अब वर्षा हाेने से खेताें में जलभराव हाे रहा है। इसकी वजह से बेल में लगने वाली सब्जी घीया, ताेरई, टिंडे, करेला, पेठा खराब हाे गए। अब उत्पादन कम हाे रहा है। स्थानीय किसान पहले की अपेक्षा 60 प्रतिशत सब्जी की मांग बराबर बनी रहती है। यह मांग सितंबर के अंत तक रहेगी। वैसे अभी दूसरे प्रदेश के किसानाें की सब्जी यहां की मड़ी में आ रही है, पर वहां से कमी के बाद सब्जियाें की कीमत और भी बढ़ सकती हैं। बेल पर लगने वाली सब्जियां यमुना से जुड़े अपने खादर क्षेत्र में भी हाेती हैं, पर यहां खराब हाेने से मड़ी में अगरा और राजस्थान के चाैमू शहर से बेल की सब्जी मड़ी में आ रही है।

बाहर से आने वाली सब्जी के दाम में किराया – भाड़ा भी जुड़ जाता है ताे यह और महंगी हाे जाती हैं। यही नहीं टमाटर, हरी, मिर्च, पत्ता गाेभी के दाम भी अप्रत्याशित बढ़े हैं।

मुझे अपने घर की रसाेई चलाने के लिए महीने पांच हजार रुपये मिलते हैं। इससे सब्जी पूरे महीने आसांनी से खरीद लेती हूं। अब सब्जियाें की पिछले 15 दिनाें से कीमत बढ़ गई है। इसका असर बढ़ गई है। इसका असर बजट पर पड़ता है।

  • नीलम, गृहिणी

हर वर्षा के माैसम में बेल की सब्जी महंगी हाे जाती हैं। अब हरी सब्जी रसाेई में कम बन रही हैं। अब एक दिन छाेड़ कर सब्जी बना रहे हैं, इसकी भरपाई दाल, राजमा, छाेले, कढ़ी बनाकर कर रहे हैं।

  • रीना मित्ल, ग्रृहिणी