October 8, 2026

राहुल ने 48 में से 14 घंटे सड़क पर बिताए: जमीन पर बैठकर खाना खाया, तीन बार हिरासत में लिए गए

SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी

New Delhi/Alive news: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को रद्द करने की मांग को लेकर राहुल गांधी लगातार दो दिन सड़क पर नजर आए। 6 और 7 अक्टूबर को उन्होंने विपक्षी सांसदों के साथ दिल्ली में प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब 48 घंटे में उन्होंने 14 घंटे से ज्यादा समय आंदोलन और धरने में बिताया। पुलिस ने उन्हें तीन बार हिरासत में लिया।

6 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और INDIA ब्लॉक के कई सांसद संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च के लिए निकले थे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और चुनाव आयोग से मिलने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

धरने के दौरान राहुल गांधी जमीन पर बैठकर खाना खाते हुए भी नजर आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठा रहा है। विपक्ष करीब 240 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग से मुलाकात करना चाहता था।

करीब 8 से 9 घंटे तक चले धरने के बाद पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर खाली कराया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 10 सांसद भी शामिल थे। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।

7 अक्टूबर को फिर सड़क पर उतरे राहुल

6 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद विपक्ष ने अगले दिन भी आंदोलन जारी रखा। राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के सांसदों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से सांसदों के लिए लंच का आयोजन किया गया। इसके बाद विपक्षी सांसद बसों से जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए।

जंतर-मंतर से करीब 100 मीटर पहले पुलिस ने बसों को रोक दिया। मौके पर दिल्ली पुलिस और RAF की तैनाती थी। बसों से उतरने के बाद विपक्षी सांसदों ने सड़क पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ कांग्रेस सांसद बस की छत पर भी चढ़ गए।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और नेताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रियंका गांधी सड़क पर बैठ गईं। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे बाद राहुल गांधी को छोड़ दिया गया।

2023 के बाद सड़क पर सबसे ज्यादा सक्रिय

भारत जोड़ो यात्रा के 2023 में खत्म होने के बाद यह राहुल गांधी का सड़क पर सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन बताया जा रहा है। हालांकि इसके बाद भी वह अलग-अलग मुद्दों को लेकर छोटे प्रदर्शनों में शामिल होते रहे हैं।

2026 में राहुल गांधी पिछले कुछ वर्षों की तुलना में ज्यादा सक्रिय नजर आए हैं। इस साल उन्होंने SIR के अलावा NEET से जुड़े मुद्दे और छात्रों से संबंधित विरोध प्रदर्शनों में भी हिस्सा लिया है। पिछले चार महीनों में वह कई बड़े विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो चुके हैं।

SIR को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश

कांग्रेस SIR को केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तौर पर नहीं देख रही है। पार्टी इसे वोट के अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इस मुद्दे को INDIA ब्लॉक के साझा आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना चाहती है। पार्टी की कोशिश है कि दिल्ली के विरोध प्रदर्शन को आगे ब्लॉक, गांव और बूथ स्तर तक ले जाया जाए।

कांग्रेस के लिए एक चुनौती विपक्षी दलों को एकजुट रखना भी है। अलग-अलग राज्यों में सहयोगी दलों के साथ रणनीति को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में SIR के मुद्दे पर लंबे समय तक विपक्षी एकता बनाए रखना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होगा।

वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR के दौरान हटाए गए नामों में मृत, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए, अनुपस्थित या डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। आयोग की ओर से छूटे हुए पात्र मतदाताओं के लिए प्रक्रिया और दावे-आपत्तियों का प्रावधान भी रखा गया है।

कांग्रेस का कहना है कि वह SIR में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामलों को सामने लाएगी और चुनाव आयोग से जवाब मांगेगी। आने वाले समय में यह मुद्दा विपक्ष और सरकार के बीच बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है।