September 16, 2026

इस्कॉन मंदिर में हर्षोल्लास से मनाई गई राधाष्टमी

Faridabad/Alive News: राधा रानी का प्राकट्य दिवस बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पद्म पुराण में कहा गया है कि राधा कृष्ण से भिन्न नहीं हैं। कृष्ण सर्वोच्च ऊर्जावान हैं और राधा रानी श्रीकृष्ण की अंतरंगा शक्ति व उनसे अभिन्न हैं। कृष्ण की अनेकों शक्तियां हैं। राधा उनकी अंतरंगा शक्ति है जो सदैव कृष्ण की प्रेममयी भक्ति में लगी रहती हैं। कृष्ण उनकी आराधना करते हैं इसलिए उनका नाम राधा है, वह कृष्ण की आराधना करती हैं इसलिए उनका नाम राधिका भी है।

उनके कई अन्य नाम भी हैं जैसे मदन मोहन मोहिनी, वृन्दावनेश्वरी, कृष्ण कांता, दामोदर प्रिया, त्रिलोक सुंदरी। वह अपनी प्रेममयी सेवा से कृष्ण को सुख प्रदान करती हैं। वह हर उस व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है, आशीर्वाद देती है, शक्ति देती है जो कृष्ण की सेवा करना चाहता है। उनके प्रेम के बदले में जो इतना महान है कि कृष्ण स्वयं राधा के प्रति समर्पण कर देते हैं। वैष्णव परंपरा में कृष्ण से सीधे संपर्क नहीं किया जा सकता, लेकिन राधा जिसे भी कृष्ण की सिफारिश करती है, वह उसे मना नहीं करते।

इसलिए भक्त कृष्ण की सेवा करने के लिए राधा से प्रार्थना करते हैं। भक्त हमेशा “हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” का जप करते हैं। जिसमें हरे का मतलब राधा के अलावा कोई नहीं है। यह मंत्र राधा और कृष्ण की सेवा के लिए किया जाता है। वह खाना पकाने में विशेषज्ञ हैं और कृष्ण के लिए एक ही व्यंजन कभी नहीं दोहरातीं।

आज इस्कॉन फरीदाबाद में राधाष्टमी के दिन की शुरुआत प्रातः 4.30 बजे मंगल आरती, हरिनाम जप, दर्शन आरती, गुरु वंदना, विशेष कथा व हरिनाम संकीर्तन से हुई। दोपहर 12 बजे गोपाल फन स्कूल के बच्चों द्वारा बहुत ही सुन्दर सांस्कृतिक कार्यक्रम नृत्य व नाटक आदि प्रस्तुत किये गये। तत्पश्चात् श्रीराधा-कृष्ण का अभिषेक दूध, दही, घी, शहद और शुद्ध फलों के रस से किया गया। मंदिर के अध्यक्ष गोपीश्वर दास ने कहा, “हम राधाष्टमी को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं।

हम राधा से प्रार्थना करते हैं कि वह अपनी दया प्रदान करें ताकि हम कृष्ण की बेहतर सेवा कर सकें। अगर वह अनुमति देती हैं तो ही हम कृष्ण और उनके भक्तों की सेवा करने में सक्षम हैं। कृष्ण और राधा एक हैं और हम उनकी एक साथ सेवा करते हैं। इसलिए हर मंदिर में राधा कृष्ण के साथ हैं। हमारे नव पुनर्निर्मित मंदिर में हम सभी को सुंदर राधा और कृष्ण के दर्शन और विभिन्न व्याख्यान कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी महिमा के बारे में जानने के लिए आमंत्रित करते हैं। ऐसा करके हम अपने जीवन को शांतिपूर्ण और खुशहाल बना सकते हैं।”