Faridabad/Alive News: मंडल रोजगार कार्यालय, फरीदाबाद द्वारा जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के सहयोग से फरीदाबाद इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सभागार में “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई)” को लेकर एक हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने की। बैठक में फरीदाबाद के लगभग 150 प्रमुख नियोक्ताओं, विशेषकर एमएसएमई और निर्यात इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य नियोक्ताओं को योजना के प्रावधानों और लाभों से अवगत कराना था।
इस अवसर पर प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना 1 अगस्त, 2025 से लागू हो चुकी है। यह योजना ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप देश में समावेशी और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 99,446 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगारों के सृजन को प्रोत्साहित करना है, जिनमें से 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार कार्यबल में शामिल होंगे। योजना का लाभ 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू होगा।
उन्होंने बताया कि यह योजना रोजगार-आधारित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस किया गया है। पीएमवीबीआरवाई के तहत नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन के लिए आकर्षक प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
योजना के दो भाग
प्रधान सचिव ने बताया कि पीएमवीबीआरवाई दो भागों में विभाजित है।
भाग ए पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों के लिए है। इसके अंतर्गत ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को एक माह का ईपीएफ वेतन, अधिकतम 15 हजार रुपये तक, दो किश्तों में दिया जाएगा। यह लाभ एक लाख रुपये तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। पहली किश्त छह माह की सेवा के बाद तथा दूसरी किश्त 12 माह की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूर्ण करने के बाद दी जाएगी। बचत को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा निश्चित अवधि के लिए जमा खाते में रखा जाएगा।
भाग बी नियोक्ताओं के लिए है, जिसके तहत सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर किया जाएगा, जबकि विनिर्माण क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी, जिसे कम से कम छह माह तक निरंतर रोजगार दिया जाएगा, के लिए दो वर्षों तक 3 हजार रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण क्षेत्र में यह लाभ तीसरे और चौथे वर्ष तक बढ़ाया जाएगा। योजना के तहत 50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं को कम से कम दो और 50 या अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं को कम से कम पांच अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी।
प्रोत्साहन राशि का प्रावधान
योजना के अंतर्गत नियोक्ताओं को अतिरिक्त कर्मचारियों के ईपीएफ वेतन के आधार पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। ईपीएफ वेतन 10 हजार रुपये तक होने पर 1हजार रुपये

