October 12, 2026

न शराब, न मोटापा, फिर भी युवाओं के लिवर में जमा हो रहा फैट

Faridabad/Alive News: फैटी लिवर की समस्या अब केवल मोटापे या शराब के सेवन तक सीमित नहीं रह गई है। सामान्य वजन वाले और शराब नहीं पीने वाले युवाओं में भी लिवर में फैट जमा होने के मामले सामने आ रहे हैं। खानपान की गलत आदतें, जंक फूड, मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसकी प्रमुख वजह बन रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती अवस्था में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखने के कारण लोग इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते।
बीके नागरिक अस्पताल में फैटी लिवर से जुड़े लक्षणों के साथ रोजाना 20 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश गुप्ता के अनुसार, पेट संबंधी परेशानी या अन्य लक्षण लेकर आने वाले मरीजों को जरूरत के अनुसार अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाती है। जांच में कई मरीजों में फैटी लिवर की समस्या सामने आती है। ऐसे मरीजों को उपचार और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जाती है। अब कम उम्र के मरीजों में भी यह समस्या देखने को मिल रही है।

30 से 40 साल के सामान्य वजन वाले भी प्रभावित

ग्रेटर फरीदाबाद स्थित निजी अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. रामचंद्र सोनी के अनुसार, फैटी लिवर के लिए केवल शराब का सेवन जिम्मेदार नहीं है। ऐसे मरीज भी सामने आ रहे हैं, जो शराब नहीं पीते, लेकिन उनके लिवर में फैट जमा हो रहा है। 30 से 40 वर्ष की उम्र के कुछ मरीजों का वजन सामान्य होने के बावजूद जांच में फैटी लिवर पाया गया है।

लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार थकान, कमजोरी, पेट के दाहिने हिस्से में भारीपन या दर्द, भूख कम लगना और मतली जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक फैटी लिवर की समस्या बनी रहने पर लिवर को नुकसान पहुंच सकता है। गंभीर स्थिति में सिरोसिस का खतरा भी बढ़ सकता है। संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय पर चिकित्सकीय सलाह से जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।