October 12, 2026

डेढ़ महीने से बंद बीके अस्पताल का हार्ट सेंटर, मरीजों को निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने की मजबूरी

8.50 करोड़ रुपये का भुगतान अटका, नई कंपनी की तलाश के बावजूद शुरू नहीं हो सकीं सेवाएं

Faridabad/Alive News: बीके अस्पताल में दिल के मरीजों को सस्ती दरों पर इलाज देने वाला हार्ट सेंटर करीब डेढ़ महीने से बंद पड़ा है। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर मरीजों को हृदय संबंधी जांच और उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दिल्ली का रुख करना पड़ रहा है। सेंटर बंद होने से मरीजों के सामने इलाज का विकल्प सीमित हो गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग अब तक सेंटर का संचालन दोबारा शुरू कराने के लिए नई कंपनी नहीं तलाश पाया है।

8.50 करोड़ रुपये बकाया, कंपनी ने बंद की सेवाएं

बीके अस्पताल के हार्ट सेंटर का संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत मेडिट्रिना कंपनी कर रही थी। यहां मरीजों को हृदय संबंधी जांच और उपचार की सुविधाएं मिलती थीं। जानकारी के अनुसार, कंपनी का करीब 8.50 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। राशि नहीं मिलने के कारण कंपनी ने सेवाएं बंद कर दीं। इसके बाद से सेंटर में मरीजों का इलाज ठप है।

बैठक बेनतीजा, टेंडर से नई कंपनी की तलाश

हार्ट सेंटर को दोबारा शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिट्रिना कंपनी के साथ बैठक की थी, लेकिन भुगतान और संचालन को लेकर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद विभाग ने दूसरी कंपनी की तलाश शुरू की। अब स्वास्थ्य निदेशालय टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, नई कंपनी के चयन और सेंटर के दोबारा शुरू होने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। ऐसे में मरीजों को फिलहाल हृदय संबंधी उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।