June 8, 2026

लापरवाही: मंत्री के आदेश के बाद भी स्कूलों में विद्यार्थियों को नही मिल रही ड्यूल डेस्क की सुविधा

Chandigarh/Alive News: शिक्षा मंत्री के घोषणा के बाद भी राजकीय स्कूलाें के विद्यार्थियों को अब तक ड्यूल डेस्क की सुविधा नहीं मिल पाई है। डेस्क की कमी लगभग स्कूलों में बनी हुई है। अधिकारियों ने ये सत्र स्कूलों से डिमांड मांगने में ही लगा दिया है। अब फिर से सभी बीईओ ने अपने अधीनस्थ स्कूलों में प्रोफॉर्मा भेजा है। जिस पर स्कूल मुखिया ड्यूल डेस्क की मांग करेंगे। राजकीय स्कूलों में पहली से 12वीं तक की कक्षाओं को अलग-अलग विभाजित किया गया। इसके अनुसार ही स्कूलों से डिमांड जिला शिक्षा विभाग को भेजी जानी है। प्रोफॉर्मा के अनुसार कक्षा 9 से 12वीं तक के लिए ड्यूटी डेस्क को लेकर बजट की मांग की गई है।

इसी तरह कक्षा एक से आठवीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों की संख्या भी मांगी गई है। क्लस्टर भी इसी तरह बजट की डिमांड करेंगे। सरकार स्कूलों को बजट दे रही है। ड्यूल डेस्क बनवाने से पहले अभिभावकों को भी गुणवत्ता चेक करानी होगी। इस प्रकार के आदेश शिक्षा विभाग पहले जारी कर चुका है। वहीं, राजकीय स्कूल प्रिंसिपलों की शिकायत है कि यह डिमांड पहले भी स्कूलों से मांगी गई थी। अब फिर से मांगी जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या के साथ बजट की डिमांड भी करनी है। इसका कारण है कि स्कूलों की ओर से ड्यूल डेस्क बनवाने से पूर्व लकड़ी क्वालिटी एसएमसी के साथ अभिभावक भी करेंगे। ऐसा पहली बार हो रहा है, इससे पहले स्कूल अपने स्तर पर ही डेस्क तैयार कर रहे थे।