March 8, 2026

एनसीईआरटी करेगी बड़ा बदलाव: तीसरी कक्षा में आएगा AI, 6वीं से 8वीं की साइंस में पढ़ाया जाएगा आयुर्वेद

Faridabad/Alive News: नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) स्कूल की किताबों में दो बड़े बदलाव करने जा रहा है। अब कक्षा 3 के सिलेबस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर टेक्नोलॉजी (CT) को शामिल किया जाएगा, जबकि कक्षा 6 से 8 की साइंस की किताबों में आयुर्वेद से जुड़े चैप्टर जोड़े जाएंगे। ये बदलाव एकेडमिक ईयर 2026-27 से लागू होंगे।

AI और CT तीसरी कक्षा से:
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत यह बदलाव किया जा रहा है ताकि बच्चे भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार हो सकें। इस सिलेबस को तैयार करने की जिम्मेदारी IIT मद्रास के प्रोफेसर कार्तिक रमन की अगुवाई में बनी विशेष समिति को दी गई है।

AI और CT के कोर्स में बच्चों को न केवल तकनीकी जानकारी दी जाएगी, बल्कि सोशल और एथिकल अवेयरनेस (सामाजिक और नैतिक समझ) पर भी जोर रहेगा। इस विषय को लागू करने के लिए शिक्षकों की ट्रेनिंग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

आयुर्वेद के चैप्टर 6वीं से 8वीं तक:
NEP 2020 के अनुसार, अब साइंस की किताबों में भारतीय दृष्टिकोण से स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण संतुलन पर आधारित आयुर्वेद के पाठ जोड़े जाएंगे।

कक्षा 6 में “फंडामेंटल प्रिंसिपल्स ऑफ आयुर्वेद” नामक अध्याय होगा, जिसमें गर्म-ठंडा, हल्का-भारी जैसे मूल सिद्धांतों की जानकारी दी जाएगी।

कक्षा 8 में “आयुर्वेद – बैलेंस ऑफ बॉडी, माइंड एंड एनवायरनमेंट” शीर्षक वाला अध्याय जोड़ा जाएगा, जिसमें दिनचर्या और मौसम के अनुसार जीवनशैली पर ध्यान दिया जाएगा।

एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने बताया कि इसका उद्देश्य छात्रों को वैज्ञानिक ज्ञान के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है।

इतिहास की किताबों में भी बदलाव:
इससे पहले कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में मुगल काल के धार्मिक निर्णयों, सांस्कृतिक योगदान और नीतियों की नई व्याख्या जोड़ी जा चुकी है, जो 2025-26 सत्र से लागू है।