Faridabad/Alive News: अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध मादक पदार्थ तस्करी विरोधी दिवस (26 जून) के अवसर पर चलाए जा रहे साप्ताहिक जागरूकता अभियान के तीसरे दिन आईटीआई (बाल), सेक्टर-18, फरीदाबाद में नशा मुक्ति जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों और संस्थान के स्टाफ को नशे के दुष्प्रभावों तथा इससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला रेड क्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा संचालित नशा मुक्ति परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धर्मेंद्र कसाना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने और अपने मित्रों व परिवारजनों को भी जागरूक करने की अपील की।
धर्मेंद्र कसाना ने बताया कि सेक्टर-14 स्थित जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में नशे से प्रभावित लोगों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। केंद्र में भर्ती मरीजों को दवाइयों, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, जो लोग घर पर रहकर इलाज करवाना चाहते हैं, वे ओपीडी के माध्यम से दवाइयां लेकर उपचार जारी रख सकते हैं।
शिविर के दौरान शराब, सिगरेट, तंबाकू, नशीली गोलियों, इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नशा शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ व्यक्ति के पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
इस अवसर पर बी.के. सिविल अस्पताल से अनुक्रम भाटी और ममता, नशा मुक्ति केंद्र से अमर, आईटीआई (बाल) के प्रिंसिपल भगत सिंह तथा स्टाफ सदस्य विजेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, शक्ति पाल, मनजीत, विजय सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने युवाओं को स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।

