June 6, 2026

संस्कारों के बिना जीवन अधूरा: नरेंद्र अग्निहोत्री

Faridabad/Alive News: श्रद्धा मंदिर स्कूल में चल रहे चार दिवसीय यजुर्वेद पारायण यज्ञ के तीसरे दिन मुख्य वक्ता एवं आर्य विद्वान नरेंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि बिना संस्कारों के जीवन पशु तुल्य है। उन्होंने कहा कि संस्कार ही व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारते हैं और राष्ट्र निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका तय करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता देशबंधु आर्य ने की। नरेंद्र अग्निहोत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी संस्कारों के प्रति जागरूक नहीं है, ऐसे में माता-पिता, शिक्षक और समाज के प्रबुद्ध लोगों का कर्तव्य है कि वे युवाओं में संस्कारों का समावेश करें।

मुख्य अतिथि उत्तर भारत शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रभारी भाई जगराम सिंह ने कहा कि युवाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यही संदेश ऋषियों और वेदों में भी दिया गया है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. गजराज सिंह आर्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रद्धा मंदिर विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी महत्व देता है, क्योंकि बिना संस्कार के शिक्षा अधूरी है।

इस अवसर पर योगी तेजपाल सिंह, मूलचंद आर्य, राजकुमार आर्य, विमला ग्रोवर, होतीलाल आर्य, एसपी अरोड़ा, महेश आर्य, मदनलाल तनेजा, नरेश अग्रवाल, राजन सिक्का, करमचंद शास्त्री और जितेंद्र सरल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत में छात्र-छात्राओं और शहर के लोगों ने यजुर्वेद पारायण महायज्ञ में आहुतियां देकर सर्व मंगल की कामना की।