New Delhi/Alive News: ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन वाले विज्ञापन को विवाद के बाद हटा दिया है। विज्ञापन में कृति ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहने नजर आई थीं। इसमें उन्हें अपने पालतू कुत्ते को राखी बांधते हुए भी दिखाया गया था।
विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कृति के पहनावे और विज्ञापन की थीम पर सवाल उठाए। एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने भी विज्ञापन की आलोचना की थी। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृति का समर्थन करते हुए महिलाओं के कपड़ों को लेकर ऑनलाइन टिप्पणी करने पर सवाल उठाया।
विवाद बढ़ने के बाद GIVA ने विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला किया। GIVA ने अपने बयान में कहा कि ब्रांड हमेशा त्योहारों और खुशी के पलों को परिवार के साथ मनाने में विश्वास करता है। इस विज्ञापन का उद्देश्य पालतू जानवरों के साथ प्यार और त्योहार की खुशी को दिखाना था।
ब्रांड ने कहा कि अगर विज्ञापन से समाज के किसी हिस्से की भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुंची है, तो ऐसा करना उसका उद्देश्य नहीं था। इसी वजह से विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।
कंगना ने विज्ञापन पर उठाए सवाल
कंगना रनोट ने विज्ञापन की आलोचना करते हुए कृति के पहनावे पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि भाई को राखी बांधने के लिए इस तरह के कपड़ों का इस्तेमाल क्यों किया गया और विज्ञापन के लिए स्टाइलिंग के दूसरे विकल्प भी मौजूद थे। कंगना ने विज्ञापन को जानबूझकर अजीब तरीके से तैयार किए जाने की बात भी कही थी।
राहुल गांधी ने किया कृति का समर्थन
विज्ञापन को लेकर ट्रोलिंग के बाद कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। इसके बाद राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की।
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं के कपड़ों और उनकी जीवनशैली की ऑनलाइन निगरानी या पहरेदारी नहीं होनी चाहिए।
कृति ने बताया- पेट डॉग्स भी परिवार का हिस्सा
कृति सेनन ने विज्ञापन का बचाव करते हुए कहा था कि रक्षाबंधन सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का त्योहार है। उन्होंने बताया कि वह और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा करती हैं।
कृति ने यह भी कहा कि यही प्यार उनके पालतू कुत्तों के लिए भी है, क्योंकि वे उनके परिवार का हिस्सा हैं। इसी भावना को विज्ञापन में दिखाने की कोशिश की गई थी।

