May 7, 2024

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक पर कंगना रणौत ने दिया बड़ा बयान, पंजाब को बताया आतंकी गतिविधियों का अड्डा

New Delhi/Alive News : बुधवार की दोपहर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के दौरे पर पहुंचे। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के काफिले को एक फ्लाईओवर पर ही रोक दिया। काफिला फ्लाईओवर पर करीब 15 से 20 मिनट तक रुका रहा। जिसके बाद से राजनीति से लेकर मनोरंजन जगत में हड़कंप मचा हुआ है। सभी राजनीतिक नेता और अभिनेता, अभिनेत्री पंजाब की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे है, वहीं सोशल मीडिया पर क्रांग्रेस की जमकर आलोचना भी की जा रही। इस बीच कंगना रणौत ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए पंजाब को आतंकी गतिविधियों का अड्डा बता दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार कंगना अपने इंस्टाग्राम पर लिखती हैं, पंजाब में जो हुआ, वो शर्मनाक है। प्रधानमंत्री प्रजातांत्रिक ढंग से चुने हुए नेता प्रतिनिधि और 140 करोड़ जनता की आवाज हैं। उनपर इस तरह हमले का मतलब है, देश के हर नागरिक पर हमला। यह हमारे प्रजातंत्र पर भी हमला है।

कंगना ने आगे लिखा, पंजाब आतंकी गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। अगर हम अभी नहीं रोकते तो देश को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके साथ कंगना ने हैशटैग लिखा- Bharat Stand With Modi Ji.. सोशल मीडिया पर भी कंगना के इस बयान की तारीफ की जा रही है। कंगना को अक्सर भाजपा समर्थक होने के ताने सुनने को मिलते हैं लेकिन एक्ट्रेस अपने विचार सोशल मीडिया पर जरूर रखती हैं।

जानकारी के मुताबिक करीब 13 महीने से चले किसान आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार पंजाब दौरे पर आए थे। उन्हें फिरोजपुर जाना था, जहां 42,750 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की नींव रखनी थी। प्रधानमंत्री का विशेष विमान बुधवार सुबह बठिंडा के एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचा। यहां से उन्हें हेलिकॉप्टर के जरिए हुसैनीवाला जाना था, लेकिन कोहरे और बारिश की वजह से प्रधानमंत्री एयरफोर्स स्टेशन पर ही रुके रहे। जब मौसम साफ नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री के काफिले को सड़क मार्ग के जरिए हुसैनीवाला ले जाने का फैसला हुआ।

जिसके बाद पंजाब पुलिस के डीजीपी से एसपीजी और गृह मंत्रालय ने बात की। उनकी तरफ से जरूरी सुरक्षा इंतजामों की पुष्टि होने के बाद प्रधानमंत्री का सफर सड़क मार्ग से शुरू हुआ। प्रधानमंत्री को हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। लेकिन बीच में प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोक रखा था और प्रधानमंत्री को अपने काफिले के साथ वापस लौटना पड़ा।