Prabhjot Kaur/Alive News
Noida: करोड़ों रुपये की लागत से शुरू की गई ई-बस सेवा का उद्देश्य लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। इस दौरान एनबीटी के रिपोर्ट ने पड़ताल कर देखा कि जिन स्टॉपों पर ई-बसों का संचालन किया जा रहा है, वहां अधिकांश स्थानों पर न तो बस शेल्टर हैं और न ही यात्रियों के लिए कोई बुनियादी सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में लोग तेज धूप और उमस के बीच पेड़ों की छांव में खड़े होकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं।
ग्रेनो वेस्ट रूट पर पड़ताल के दौरान बॉटेनिकल गार्डन से लेकर एक मूर्ति तक कई बस स्टॉपों की स्थिति का जायजा लिया गया। बॉटेनिकल गार्डन पर बस स्टेशन तो बना हुआ है, लेकिन वहां से ई-बसों का संचालन बेहद सीमित दिखाई दिया। कई यात्रियों ने बताया कि बस चालक बॉटेनिकल गार्डन की बजाय सेक्टर-37 से सवारियां भरना अधिक पसंद करते हैं। सेक्टर-37 पर बस शेल्टर मौजूद है, जबकि आगे के अधिकांश स्टॉपों पर ऐसी कोई सुविधा नहीं है।
गोल्फ कोर्स और सिटी सेंटर जैसे प्रमुख स्टॉपों पर भी यात्रियों के लिए बस शेल्टर नहीं हैं। सिटी सेंटर पर बस स्टेशन होने के बावजूद कई बसें वहां नहीं रुकतीं। नतीजतन यात्री मोरना क्षेत्र में पेड़ों की छांव के नीचे खड़े होकर ग्रेनो वेस्ट जाने वाली बसों का इंतजार करते नजर आए। कई लोगों ने बस के इंतजार से बचने के लिए ऑटो का सहारा लिया और अतिरिक्त किराया देकर चार मूर्ति की ओर रवाना हो गए।
सिटी सेंटर के आगे होशियारपुर, सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन, ग्राम बसई, पृथला, गौर चौक, साबेरी रोड और एक मूर्ति तक किसी भी स्टॉप पर बस शेल्टर की व्यवस्था नहीं है। यात्रियों के बैठने, धूप-बारिश से बचने या बसों की समय-सारिणी जानने के लिए कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है और न ही बस की लोकेशन जानने के लिए कोई ऐप है।
यात्रियों का कहना है कि जिन यात्रियों को ई-बस सेवा की जानकारी नहीं है, वे इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं जिन्हें जानकारी है, वे भी बसों के निर्धारित स्टॉप पर न रुकने और लंबे इंतजार से परेशान होकर ऑटो या अन्य साधनों का उपयोग कर रहे हैं। एक ओर वे तेज धूप में बस का इंतजार करते हैं, दूसरी ओर कई बार बस आने के बावजूद बिना रुके आगे निकल जाती है।
हालांकि ग्रेनो वेस्ट रूट पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दी, लेकिन जेवर, परी चौक और नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की ओर जाने वाले रूटों पर ई-बसों में अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। इन रूट पर रोज 20 से 30 यात्री सफर कर रहे है। इसके बावजूद संचालन से जुड़ी कई समस्याएं अब भी बरकरार हैं।
चार्जिंग व्यवस्था भी ई-बस संचालन की बड़ी चुनौती बनी हुई है। जानकारी के अनुसार अधिकांश बसें दो चक्कर लगाने के बाद चार्जिंग के लिए मोरना डिपो लौट रही हैं। दोपहर के समय चार्जिंग स्टेशनों पर लंबी कतारें लगने से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है और अधिकांश बसें तीसरा चक्कर नहीं लगा पा रही हैं।

