September 27, 2026

हरियाणाः मरीजों को अब दिल्ली जाने की जरूरत नहीं, पीजीआईएमएस रोहतक को मिली किडनी ट्रांसप्लांट की मंजूरी

Chandigarh/Alive News: रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने जा रहा है। इसके लिए संस्थान को मंजूरी मिल गई है। अब प्रदेश के मरीजों दिल्ली व निजी अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी। वर्तमान में यह सुविधा चंडीगढ़ में ही उपलब्ध है। यह ट्रांसप्लांट शुरू होने से ब्रेन डेड मरीजों की किडनी को भी जरूरतमंदों में प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। जिससे जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर ईलाज मिलेगा।

मिली जानाकारी के अनुसार संस्थान के नेफ्रोलॉजी विभाग ने किडनी ट्रांसप्लांट की सभी शर्तों को पूरा कर दिया है। शनिवार देर सायं चंडीगढ़ से आई जांच एक्सपर्ट टीम ने भी इसकी मंजूरी दे दी है। ट्रांसप्लांट सर्जरी के दो सीनियर डॉक्टरों की इस सप्ताह ज्वाइनिंग हो जाएगी। इनका चयन हो चुका है। इसके लिए नेफ्रोलॉजी विभाग के पास आठ आईसीयू व 30 सामान्य बेड हैं। ट्रांसप्लांट के लिए दो मॉडयूलर ऑपरेशन थियेटर भी संस्थान में हैं। मरीजों की देखभाल, ऑपरेशन टीम, आईसीयू टीम को भी तैयार कर लिया गया है।

गौरतलब है कि संस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संज्ञान लिया तो यह योजना अब सिरे चढ़ी है। डॉक्टरों की मानें तो किडनी ट्रांसप्लांट के लिए पहले मरीज व डोनर की जांच होगी। दोनों स्वस्थ होंगे तो यह प्रक्रिया आगे बढे़गी। इसके लिए कमेटी गठित होगी। इसके साथ ही किडनी लेने वाले व देने वाले की पुलिस जांच होगी कि वह रक्तसंबंधी व नजदीक के रिश्तेदार ही हों। ऑपरेशन का खर्च संस्थान का होगा। इसके बाद यह दस हजार रुपये प्रति माह आएगी और जीवन भर चलेगी। यह खर्च मरीज वहन करेगा। मरीज की किडनी सही रहे, इसके लिए जांच और दवा उम्र भर चलेगी।